रायपुर

Custom Milling Scam: 2700 राइस मिलर्स से कथित वसूली, मनोज सोनी-रोशन चंद्राकर की भूमिका जांच के घेरे में

Custom Milling Corruption; छत्तीसगढ़ के कस्टम मिलिंग मामले में जांच एजेंसियों ने राइस मिलर्स से कथित ‘कट’ वसूली और बिल भुगतान से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं।
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Sep 22, 2026
Custom Milling Scam
Custom Milling Scam: 2700 राइस मिलर्स से कथित वसूली(photo-patrika canva create)

Custom Milling Scam: छत्तीसगढ़ के कस्टम मिलिंग मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद कथित वसूली और भुगतान के तरीके को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, राइस मिलर्स को मिलने वाली कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि बढ़ाए जाने के बाद कथित तौर पर प्रति क्विंटल ‘कट’ की व्यवस्था शुरू हुई। एजेंसियों ने आरोप लगाया है कि जिन मिलर्स से रकम ली जाती थी, उनके बिलों के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती थी, जबकि भुगतान नहीं करने वालों के बिल रोके जाते थे। ED के रिकॉर्ड में इस कथित कलेक्शन की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, जबकि EOW के मामले में करीब 140 करोड़ रुपये के कथित कलेक्शन की बात सामने आई है।

Chhattisgarh Custom Milling: 40 रुपए से बढ़कर 120 रुपए हुई कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि

जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 तक राइस मिलर्स को कस्टम मिलिंग के लिए 40 रुपए प्रति क्विंटल की विशेष प्रोत्साहन राशि मिलती थी। इसके बाद यह राशि बढ़ाकर 120 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई। ED के अनुसार, बढ़ी हुई राशि दो किस्तों में 60-60 रुपए के रूप में दी जाती थी।

20 रुपए प्रति क्विंटल ‘कट’ लेने का आरोप

ED की जांच के अनुसार, प्रोत्साहन राशि बढ़ने के बाद राइस मिलर्स से प्रत्येक किस्त पर 20 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से कथित किकबैक लिया गया। यानी दो किस्तों को मिलाकर कथित तौर पर 40 रुपए प्रति क्विंटल तक की रकम वसूली गई। एजेंसी के मुताबिक, जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन से प्राप्त जानकारी के आधार पर भुगतान के लिए आए बिलों की जांच की जाती थी। जिन मिलर्स द्वारा कथित रकम दी गई थी, उनके बिलों का भुगतान किया जाता था।

2700 मिलर्स तक पहुंचा कथित वसूली का नेटवर्क

जांच में कथित तौर पर यह व्यवस्था प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक फैली होने की बात सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 2700 राइस मिलर्स से प्रति क्विंटल रकम लेने का आरोप है। EOW से जुड़े मामले में करीब 140 करोड़ रुपए की कथित अवैध वसूली की जांच की जा रही है।

बिल भुगतान को कथित वसूली से जोड़ने का आरोप

ED की अभियोजन शिकायत के अनुसार, मिलर्स पर कथित तौर पर रकम देने का दबाव बनाया गया और जिनके बिल लंबित रखे गए, उन्हें भुगतान के लिए कथित वसूली की रकम देनी पड़ती थी। एजेंसी ने इसे मिलर्स से कथित तौर पर अवैध रकम वसूलने की व्यवस्था बताया है।

सिर्फ कस्टम मिलिंग ही नहीं, दूसरे कामों के नाम पर भी वसूली का आरोप

जांच से जुड़ी रिपोर्टों में कस्टम मिलिंग के अलावा डीओ काटने और धान से जुड़े अन्य कामों के लिए भी कथित वसूली की बात सामने आई है। हालांकि, इन सभी दावों को संबंधित जांच एजेंसियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में अलग-अलग एजेंसियां अपने स्तर पर जांच कर रही हैं।

मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर की भूमिका जांच के घेरे में

मामले में तत्कालीन मार्कफेड एमडी मनोज सोनी और छत्तीसगढ़ स्टेट राइस मिलर्स एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर की भूमिका जांच एजेंसियों ने सामने रखी है। ED ने अप्रैल 2024 में मनोज सोनी को गिरफ्तार किया था। बाद में ED ने मनोज सोनी और रोशन चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दाखिल की।

संपत्ति और कथित अवैध आय की भी जांच

जांच एजेंसियों ने कथित वसूली से जुड़े पैसों के इस्तेमाल और संपत्तियों में निवेश की भी जांच की है। ED के अक्टूबर 2024 के रिकॉर्ड के मुताबिक, रोशन चंद्राकर की करीब 19 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की गई थीं। एजेंसी ने इसे कथित अपराध से अर्जित आय से जुड़ी संपत्ति बताया था।

2023 में विधानसभा में भी उठा था वसूली का मुद्दा

कस्टम मिलिंग में प्रति क्विंटल कथित वसूली का मुद्दा 2023 में विधानसभा में भी उठाया गया था। आपके दिए विवरण के अनुसार, 6 मार्च 2023 को तत्कालीन विधायक शिवरतन शर्मा ने मिलर्स से वसूली और भुगतान के बीच संबंध का आरोप लगाया था। तत्कालीन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे थे। इस मुद्दे पर सदन में हंगामा भी हुआ था।

EOW और ED की जांच में सामने आया मामला

कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि से जुड़े मामले में EOW-ACB और ED दोनों स्तर पर जांच हुई है। EOW ने मामले में चार्जशीट और बाद में पूरक चार्जशीट दाखिल की है। अक्टूबर 2025 में EOW ने पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को नामजद करते हुए 1,500 पन्नों की पूरक चार्जशीट दाखिल की थी।

Updated on:
22 Sept 2026 11:51 am
Published on:
22 Sept 2026 11:51 am