रायपुर

दिल्ली की CWC बैठक में छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर मंथन, E20 से बेरोजगारी तक केंद्र पर बरसी कांग्रेस

Chhattisgarh News: नई दिल्ली की CWC बैठक में छत्तीसगढ़ से जुड़े युवा और किसान मुद्दों पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने पेपर लीक, बेरोजगारी, E20 पेट्रोल, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर केंद्र पर निशाना साधा।
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Aug 20, 2026
Chhattisgarh News
E20 और बेरोजगारी को लेकर केंद्र पर बरसी कांग्रेस (photo source- Patrika)

CWC Meeting: नई दिल्ली के इंदिरा भवन में 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी, अयोध्या चंदा, चीन सीमा, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा के साथ E20 पेट्रोल जैसे विषय प्रमुख रहे। कांग्रेस ने इन मुद्दों को देश के अलग-अलग राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ के युवाओं और किसानों से भी जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

छत्तीसगढ़ के लिहाज से बैठक में उठाए गए कुछ मुद्दे सीधे तौर पर युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। राज्य में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। वहीं कृषि और ग्रामीण परिवहन में ईंधन की कीमतों का सीधा असर किसानों और आम लोगों पर पड़ता है। ऐसे में कांग्रेस ने CWC की बैठक में इन मुद्दों को छत्तीसगढ़ के संदर्भ में भी सामने रखा।

पेपर लीक और बेरोजगारी पर युवाओं की चिंता

कांग्रेस ने बैठक में पेपर लीक और बेरोजगारी को गंभीर समस्या बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि पिछले एक दशक में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक के मामले युवाओं के लिए बड़ी चिंता बन गए हैं। छत्तीसगढ़ में भी PSC, व्यापमं और दूसरी भर्ती परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर विवाद सामने आते रहे हैं। परीक्षा की तैयारी में वर्षों का समय लगाने वाले युवाओं के लिए पेपर लीक जैसी घटनाएं न सिर्फ आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं, बल्कि उनके भविष्य और मेहनत पर भी असर डालती हैं।

CWC में कांग्रेस ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी का सबसे ज्यादा असर उन युवाओं पर पड़ता है, जो सरकारी नौकरी की उम्मीद में लंबे समय तक तैयारी करते हैं। बैठक में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण और केंद्रीकरण का विरोध करते हुए युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कही।

E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र पर निशाना

CWC बैठक में E20 पेट्रोल का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। कांग्रेस ने E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर माइलेज, पुराने वाहनों की अनुकूलता और उपभोक्ताओं के सामने मौजूद विकल्पों पर सवाल उठाए। पार्टी ने तर्क दिया कि छत्तीसगढ़ जैसे कृषि प्रधान राज्य में ईंधन से जुड़ी नीतियों का असर केवल शहरी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी और परिवहन के लिए ईंधन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है।

ऐसे में पेट्रोल की कीमत और वाहनों की ईंधन दक्षता किसानों के खर्च को प्रभावित कर सकती है। कांग्रेस ने गन्ने और मक्के जैसी फसलों के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी ने आशंका जताई कि यदि खाद्यान्न या कृषि उपज का बड़ा हिस्सा ईंधन उत्पादन में इस्तेमाल होता है, तो इससे खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं।

कृषि और ऊर्जा सुरक्षा पर भी चर्चा

कांग्रेस कार्यसमिति ने कृषि और ऊर्जा सुरक्षा को भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया। पार्टी ने केंद्र सरकार पर अमेरिकी दबाव में कृषि और ऊर्जा से जुड़े हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि कृषि नीति तैयार करते समय किसानों की आय, फसलों की मांग, बाजार की स्थिति और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के संदर्भ में यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की बड़ी आबादी कृषि और उससे जुड़े रोजगार पर निर्भर है। कांग्रेस ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां तैयार की जानी चाहिए। फसल उत्पादन से लेकर उसकी बिक्री, परिवहन और लागत तक हर स्तर पर किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की जरूरत है।

अयोध्या चंदा और चीन सीमा का मुद्दा भी उठा

CWC की बैठक में अयोध्या से जुड़े चंदे और चीन सीमा के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। पार्टी ने इन विषयों पर सरकार से जवाबदेही की मांग की और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सार्वजनिक मुद्दों पर पारदर्शिता का सवाल उठाया। कांग्रेस ने चीन सीमा के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। वहीं अयोध्या चंदे से जुड़े मुद्दे को लेकर भी पार्टी ने अपनी चिंताएं सामने रखीं।

महिला आरक्षण पर कांग्रेस की मांग

बैठक में महिला आरक्षण को लेकर भी कांग्रेस ने अपनी मांग दोहराई। पार्टी ने 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जाना चाहिए। छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा और लोकसभा स्तर पर महिला प्रतिनिधित्व का मुद्दा इस मांग से जुड़ता है। पार्टी ने लोकसभा सीटों के राज्योंवार मौजूदा आवंटन पर संवैधानिक रोक को अगले 25 वर्षों तक जारी रखने की मांग भी रखी। कांग्रेस का तर्क है कि परिसीमन से जुड़े किसी भी बदलाव में राज्यों के हितों और प्रतिनिधित्व के संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों को मिला राष्ट्रीय मंच

कुल मिलाकर CWC की बैठक में उठाए गए मुद्दों में छत्तीसगढ़ से जुड़े कई सवाल भी दिखाई दिए। पेपर लीक और बेरोजगारी जहां राज्य के युवाओं से सीधे जुड़े हैं, वहीं E20 पेट्रोल, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले विषय हैं। कांग्रेस ने इन मुद्दों के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि CWC में उठाए गए इन मुद्दों को कांग्रेस छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति में किस तरह आगे ले जाती है और आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

Updated on:
20 Aug 2026 02:27 pm
Published on:
20 Aug 2026 02:27 pm