
Cyclonic Arnab: बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर छत्तीसगढ़ में तेजी से गहराने लगा है। मौसम विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश और 60 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी करते हुए रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
आपदा की स्थिति से निपटने के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे के लिए सक्रिय कर दिया गया है, जिसका टोल फ्री नंबर 1070 है। प्रशासन ने 12 जिलों में भारी बारिश की आशंका के बीच 1769 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार शासकीय एवं अशासकीय दोनों तरह के विद्यालयों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया है। प्रशासन ने अभी किसानों को धान के लिए मना किया है, क्योंकि तेज बरसात से फसल खराब हो जाएगी।
मंगलवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। दुर्ग-राजनांदगांव समेत कुछ जिलों में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। रायपुर का अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री गिरकर 29.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।
रेड अलर्ट (48 घंटे)
बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों में एक दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी बारिश की चेतावनी।
ऑऑरेंज अलर्ट (48 घंटे)
रायपुर, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कवर्धा, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर, कांकेर, नारायणपुर, सारंगगढ़ बिलाईगढ़ आदि।,
यलो अलर्ट (24 घंटे व 48 घंटे)
गरियाबंद, धमतरी, बीजापुर, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा (24 घंटे) और बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ आदि।
तूफान और बारिश की इस चेतावनी ने प्रदेश के अन्नदाताओं की सांसें अटका दी हैं। बस्तर, जगदलपुर, राजिम, दुर्ग, बालोद, कवर्धा, राजनांदगांव, बेमेतरा, महासमुंद और धमतरी में यह समय धान कटाई का मुख्य सीजन है। धमतरी में हार्वेस्टर की कमी और महासमुंद में गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने की चेतावनी ने संकट और बढ़ा दिया है। किसान खेतों की मेड़ काटकर पानी निकालने, फसलों पर तिरपाल तानने और सिर पर बोझ ढोकर फसल सुरक्षित करने में दिन-रात जुटे हैं
अर्नब चक्रवात के कारण सरकार सचेत है। तूफान से निपटने के लिए एनडीआरएफ / एसडीआरएफ और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।
-विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री