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Health News: दिवाली की साफ-सफाई से बढ़े एलर्जी और वायरल के मरीज, रायपुर में बच्चों-बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी

Health News: रायपुर में दिवाली की साफ-सफाई के दौरान धूल-मिट्टी से एलर्जी और वायरल फीवर के मरीज बढ़े। तापमान में 12 डिग्री के अंतर से सर्दी, खांसी और अस्थमा की परेशानी बढ़ी।
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रायपुर

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Love Sonkar

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Updated: 28 Oct 2026, 9:56 AM IST

Raipur Health News

दिवाली की साफ-सफाई से बढ़े एलर्जी और वायरल के मरीज (Photo Patrika)

Raipur Health News: राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में दिवाली के लिए घरों की साफ-सफाई लोगों को बीमार कर रहा है। लोग एलर्जी का शिकार हो रहे है। वहीं दिन व रात के तापमान में 12 डिग्री का अंतर है। इसके कारण वायरल फीवर, सर्दी, खांसी के मरीज भी बढ़ गए हैं। हालांकि ये लंबे समय तक बीमार नहीं रह रहे हैं। हफ्तेभर में खांसी व बुखार ठीक हो रहे है। डॉक्टरों के अनुसार तापमान में अंतर के कारण सर्दी व खांसी फैलाने वाला इंफ्लूएंजा वायरस सक्रिय हो गया है।

तीनों विभागों में 700 से ज्यादा मरीजों का इलाज

आंबेडकर अस्पताल के मेडिसिन, चेस्ट व पीडियाट्रिक विभाग में सीजनल बीमारी वाले मरीजों की संख्या महीनेभर पहले की तुलना में दोगुनी से ज्यादा हो गई है। इन दिनों तीनों विभागों में 700 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा है। इनमें 20 से 25 फीसदी मरीज सीजनल बीमारी व घरों की साफ-सफाई के कारण बीमार होने वाले लोग है। डॉक्टरों के अनुसार इस मौसम में जरा सी लापरवाही करने पर बच्चे ही नहीं बड़े भी बीमार पड़ रहे है।

टॉपिक एक्सपर्ट

डॉ. आरके पंडा, एचओडी चेस्ट आंबेडकर अस्पताल

इंफ्लुएंजा वायरस सक्रिय होने के कारण वायरल फीवर, सर्दी व खांसी के मरीज बढ़े हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव से सभी उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं। बीमार पड़ें तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर ठंड बढ़ने से और दिक्कतें होंगी। इसलिए जरूरी हैं कि बाहर जाते समय मॉस्क पहनकर निकलें तो स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा।

ड्रॉ. जोगेश विशनदासानी कार्डियोलॉजिस्ट

वाली सूजन के कारण धमनियों में कोलेस्ट्रॉल व प्लाक जमा हो सकता है, जिससे दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अस्थमा के रोगियों में हार्ट रोग विकसित होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में लगभग 32 फीसदी तक अधिक हो सकता है। गंभीर अस्थमा या सांस के दौरे के दौरान ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे हार्ट तक ब्लड पहुंचने में दिक्कत हो जाती है।