CG Students Protest: रायपुर में तेज आंधी-तूफान और बारिश के बावजूद नवा रायपुर के तूता में डीएलएड अभ्यर्थियों का धरना जारी रहा।
CG Students Protest: राजधानी रायपुर में देर रात आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं नवा रायपुर के तूता में चल रहे डीएलएड अभ्यर्थियों के धरने पर भी इसका असर पड़ा। खराब मौसम और तेज हवाओं के बावजूद अभ्यर्थियों का हौसला कम नहीं हुआ और वे पूरी रात अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।
तेज आंधी और बारिश के चलते धरना स्थल पर लगाया गया टेंट फट गया, जिससे वहां रखा सामान भी बिखर गया और कई चीजें उड़ गईं। इस दौरान अभ्यर्थी भी भीग गए, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने धरना खत्म नहीं किया और वहीं डटे रहे।
फिलहाल सैकड़ों अभ्यर्थी एक अस्थायी शेड के सहारे प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। धरना स्थल पर मौजूद एक अभ्यर्थी ने बताया कि वे करीब 85 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। सोमवार देर रात करीब साढ़े तीन बजे आए तेज तूफान ने उनकी व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी।
टेंट फटने और सामान उड़ने से उन्हें करीब ढाई से तीन लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। अब स्थिति यह है कि उनके पास जरूरी संसाधन भी नहीं बचे हैं। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से अपील की है कि जल्द से जल्द 2300 पदों पर नियुक्ति की जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अभ्यर्थी राज्य सरकार से करीब 2300 पदों पर जल्द भर्ती की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते नियुक्ति नहीं की गई, तो उनका भविष्य प्रभावित होगा। यह आंदोलन अब सिर्फ भर्ती की मांग तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह बेरोजगारी, प्रशासनिक देरी और युवाओं की बढ़ती निराशा का प्रतीक बनता जा रहा है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में डीएलएड (D.El.Ed) प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि यह कई वर्षों से लगातार उठता रहा है। रायपुर समेत प्रदेशभर में हजारों प्रशिक्षित युवा शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
राज्य में पहले भी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में देरी, पदों की संख्या को लेकर असमंजस और नियमों में बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर अभ्यर्थियों ने कई बार प्रदर्शन किए हैं। अलग-अलग चरणों में रैलियां, धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जाती रही है।