
Deepak Baij on Kulgam Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों द्वारा छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को लेकर केंद्र और जम्मू-कश्मीर की सरकार पर निशाना साधते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
दीपक बैज ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आतंकवादियों ने मजदूरों से धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मारी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब-जब केंद्र सरकार राजनीतिक या अन्य कारणों से दबाव में दिखाई देती है, तब ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। बैज ने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के पीछे क्या कारण थे और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात होने के बावजूद आतंकवादी इस तरह की वारदात को कैसे अंजाम दे रहे हैं, यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का संकेत है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को इस घटना पर जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
दीपक बैज ने घटना को रोजगार के मुद्दे से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। उनके अनुसार यदि ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध होते, तो लोगों को बाहर जाकर मजदूरी करने की मजबूरी नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि रोजगार से जुड़ी योजनाओं के कमजोर होने के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक पलायन कर रहे हैं और ऐसे हादसों का शिकार बन रहे हैं।
दीपक बैज ने भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि पहले आतंकी हमले के बाद जैसी कार्रवाई हुई थी, उसी तरह इस बार भी होगी। इस पर पलटवार करते हुए बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर प्रभावी रणनीति अपनाने में विफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने अपने सैन्य अभियान को बीच में रोक दिया था और मौजूदा परिस्थितियों में केंद्र सरकार कई मोर्चों पर असफल साबित हो रही है।
कुलगाम में छत्तीसगढ़ के मजदूरों की हत्या ने पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं, इस घटना के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। विपक्ष जहां सुरक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, वहीं सभी की निगाहें अब जांच और आगे की सरकारी कार्रवाई पर टिकी हैं।