रायपुर

Dial 112 पर कॉल्स की बाढ़! छत्तीसगढ़ में 23 दिनों में ढाई लाख से अधिक कॉल, आधे से ज्यादा गैर-इमरजेंसी

Dial 112 in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में डायल 112 सेवा शुरू होने के शुरुआती हफ्तों में ही कॉल्स की बाढ़ आ गई है। 20 मई से 11 जून 2026 के बीच 2.52 लाख कॉल्स में से केवल 61,399 ही वास्तविक इमरजेंसी निकलीं, जबकि बाकी गैर-जरूरी कॉल्स रही, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

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Jun 16, 2026
Dial 112
Dial 112: डॉयल 112 पर कॉल्स की बाढ़(photo-patrika)

Dial 112: छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम Dial 112 शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में कॉल्स की संख्या ने सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया है। 20 मई से 11 जून 2026 के बीच प्रदेशभर से 2,52,071 कॉल दर्ज की गईं। इनमें से केवल 61,399 कॉल ही वास्तविक इमरजेंसी की श्रेणी में पाई गईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई। बाकी बड़ी संख्या में कॉल गैर-जरूरी या सामान्य जानकारी से जुड़ी रहीं, जिससे सेवा पर अतिरिक्त भार पड़ा। इमरजेंसी मामलों में पुलिस, फायर और मेडिकल टीमों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी।

Chhattisgarh Dial 112: इमरजेंसी से ज्यादा गैर-जरूरी कॉल्स की भरमार

आंकड़ों के अनुसार, लगभग 1,90,672 कॉल ऐसी थीं, जो किसी आपात स्थिति से संबंधित नहीं थीं। इनमें बिजली गुल होने की शिकायत, मोबाइल नंबर या पता पूछना, गाली-गलौज और झूठी सूचनाएं शामिल रहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी कॉल्स न केवल सिस्टम पर बोझ बढ़ाती हैं, बल्कि वास्तविक इमरजेंसी मामलों में रिस्पॉन्स टाइम भी प्रभावित कर सकती हैं।

पुलिस, एंबुलेंस और फायर सेवाओं की सक्रियता

इमरजेंसी कॉल्स में सबसे अधिक मामले पुलिस सहायता से जुड़े रहे, जिनमें 42,910 मामलों में ईआरवी (Emergency Response Vehicle) मौके पर भेजी गई। वहीं 28,349 मामलों में चिकित्सा सहायता और 1,973 मामलों में फायर ब्रिगेड की मदद पहुंचाई गई। इसके अलावा 3,863 महिलाओं से संबंधित शिकायतें, 182 बच्चों से जुड़े मामले, 5,579 सड़क दुर्घटनाएं और 573 आत्महत्या से जुड़े मामलों में भी त्वरित प्रतिक्रिया दी गई।

प्रशासन का रुख: गंभीर मामलों पर प्राथमिकता

डॉयल 112 के एसपी गोपीचंद मेश्राम ने बताया कि सेवा का मुख्य उद्देश्य पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी में त्वरित सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि टीम का फोकस रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने और गंभीर मामलों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर है। हालांकि, गैर-जरूरी कॉल्स की अधिकता एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

डॉयल 112 सेवा ने प्रदेश में इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को मजबूत किया है, लेकिन बढ़ती गैर-इमरजेंसी कॉल्स इसके प्रभावी संचालन में बाधा बन रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस नंबर का उपयोग केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही करें, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंच सके।

Published on:
16 Jun 2026 02:25 pm