
CG News: छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र करीबन तीन दशक तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा। उस दौर में वहां जगह-जगह लगाए गए आईईडी की चपेट में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ आम लोग और पशु भी आए। कई लोगों ने इन विस्फोटों में अपने हाथ-पैर गंवाए और आज दिव्यांगता के साथ कठिन जीवन जी रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार नक्सली हिंसा में हाथ-पैर गंवाने वाले लोगों के जीवन की मुश्किलें कम करने के उद्देश्य से बस्तर संभाग में दो चरणों में निःशुल्कदिव्यांग सेवा शिविर आयोजित कर रही है। डिप्टी सीएम व गृह मंत्री विजय शर्मा ने 4 अक्टूबर को रायपुर में कहा कि बस्तर अब आईईडी विस्फोटों की विरह वेदना से बाहर निकलने को तैयार है।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि पहला तीन दिवसीय शिविर 5, 6 और 7 अक्टूबर को बस्तर के जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित होगा। इसमें बस्तर, कांकेर, नारायणपुर और कोंडागांव जिले के दिव्यांगजन भी शामिल होंगे। दूसरा शिविर 15, 16 और 17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले के हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। इन शिविरों में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर के तकनीकी सहयोग से जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।