
Diwali Shubh Muhurat 2026: पवित्र कार्तिक माह जहां पुण्य स्नान-दान के लिए विशेष माना गया है। मान्यता है कि सुख-समृद्धि की देवी इसी माह धरा पर भ्रमण करने आती हैं। इसी दिन लंका पर विजय प्राप्त कर भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे थे। इस स्वागत में हर कोई घर-द्वार चमकाने में जुट गया है। क्योंकि कार्तिक पूर्णिमा या देव दिवाली नजदीक हैं। दीपोत्सव पर्व को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। दिवाली सप्ताह का भी आगाज रवि पुष्य नक्षत्र से होने के साथ ही धनतेरस और दिवाली की खरीदारी का प्लान घर-घर बन रहा है। पंडितों के अनुसार इस बार अमृत के चौघडि़या में महालक्ष्मी पूजन का संयोग बन रहा है।
कार्तिक मास व्रत पूजा का माह होने से करवा चौथ, अहोई अष्टमी, रमा एकादशी, गौवत्स द्वादशी, धनतेरस, रूप चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाईदूज, सौभाग्य पंचमी, छठ पर्व, गोपाष्टमी, आंवला नवमी, देव एकादशी, बैकुंठ चतुर्दशी, कार्तिक पूर्णिमा धूमधाम से मनाया जाता है।
संस्कृत भाषा के प्रचारक एवं धर्मशास्त्री पंडित चन्द्रभूषण शुक्ला ने बताया कि इन पर्वों में देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने क्षीरसागर में निद्रा से जाग्रत होते हैं। तभी चातुर्मास का समापन और मांगलिक कार्यों का प्रारंभ होता है।
धर्मशास्त्री पंडित चन्द्रभूषण शुक्ला के अनुसार विशेष शुभ मुहूर्त लक्ष्मी पूजन कर लोग सुख समृद्धि की कामना करेंगे। पौराणिक मान्यता है कि दिवाली के दिन महालक्ष्मी घर-घर भ्रमण करती हैं। इसलिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस बार कार्तिक मास की चतुर्दशी युक्त अमावस्या 8 नवंबर को है। इसी दिन महालक्ष्मी पूजन होगा। इसके बिहान सोमवार को भी दोपहर 12 बजे के बाद तक अमावस्या तिथि होने के कारण पिछले साल जैसा ही दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा 10 नवंबर को है।
मां महामाया मंदिर रायपुर के पंडित शुक्ला के अनुसार दिवाली पर मुख्य रूप से प्रदोष काल, वृषभ लग्न एवं गोधूली बेला में शाम 5:30 से 8:10 रात्रि तक तथा इसके अलावा शुभ, लाभ एवं अमृत के चौघड़िया में पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन लक्ष्मी-गणेश, कुबेर को पूजन चौक पर सजाकर विराजने का आह्वान करेंगे। अनेक प्रकार के पुष्पों, फलों, मिष्ठान अर्पित कर पूजन संपन्न करना चाहिए। इसी दिन कारोबारी सालभर का बही खाता नया खोलकर पूजन करते हैं।