
रायपुर@अजय रघुवंशी। E-Rickshaw Number Plate: शहर में रोजाना एक लाख से अधिक यात्री ई-रिक्शा में सफर कर रहे हैं, लेकिन इनकी नंबर प्लेट शहर के सर्विलांस सिस्टम की पकड़ से बाहर है। शहर के सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरे सड़कों से गुजरने वाले अन्य वाहनों की नंबर प्लेट रिकॉर्ड कर रहे हैं, लेकिन ई-रिक्शा की नंबर प्लेट कैमरों की जद में नहीं आ पा रही है।
यातायात पुलिस के मुताबिक, ई-रिक्शा की नंबर प्लेट सामान्य वाहनों की तुलना में नीचे लगी होती है और उसका आकार भी छोटा होता है। ऐसे में किसी घटना या दुर्घटना के बाद नंबर प्लेट की पहचान नहीं हो पाना पुलिस के सामने चुनौती बना हुआ है। अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों की नंबर प्लेट पर बड़े अक्षरों में नंबर लिखे होते हैं, जबकि ई-रिक्शा की नंबर प्लेट सामने की ओर काफी नीचे लगी होने और अक्षरों का आकार छोटा होने के कारण कैमरों में रिकॉर्ड नहीं हो पा रही है।
जानकारी के मुताबिक, यातायात विभाग ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर इस समस्या का समाधान मांगा है। परिवहन विभाग ने भी इस समस्या से केंद्र सरकार को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इधर, प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस से ठोस कदम उठाने की मांग भी हो रही है।
राजधानी के भाठागांव निवासी यात्री कुंदन कुमार ने बताया कि ई-रिक्शा बनाने वाली कंपनियों को नंबर प्लेट ऊपर की ओर लगानी चाहिए और उसका फॉन्ट साइज भी बड़ा करना चाहिए। इससे इस समस्या का समाधान निकल सकता है। एक अन्य यात्री राम साव ने कहा कि ई-रिक्शा के नंबर ठीक से पहचान में ही नहीं आते। इनका आकार बड़ा किया जाना चाहिए।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ई-रिक्शा चालकों द्वारा महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कोरबा में युवती से दुष्कर्म और राजधानी में महिला अधिकारी के गले से चेन स्नेचिंग जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं।
अर्चना झा डीसीपी, ट्रैफिक, रायपुर कमिश्नरेट के मुताबिक, ई-रिक्शा के नंबर प्लेट को सीसीटीवी कैमरे नहीं पकड़ पा रहे हैं। इसके लिए परिवहन विभाग को चिठ्ठी लिखी गई थी। सीसीटीवी कैमरे को एडवांस करने की कवायद जारी है।