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छत्तीसगढ़ की स्वच्छता दीदियों को मिलेगी नई वर्दी और सुरक्षा किट, सरकार ने मंजूर किए 2.95 करोड़ रुपए

Sanitation Workers Safety Equipment: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के लिए 7,992 स्वच्छता दीदियों की वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी हेतु 2.95 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
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Chhattisgarh Swachhta Didi

स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले स्वच्छता दीदियों को राहत (Photo Source- Patrika)

Chhattisgarh Swachhta Didi: छत्तीसगढ़ में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों के बीच राज्य सरकार ने स्वच्छता दीदियों की वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी के लिए करीब 2.95 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। प्रदेश के 145 नगरीय निकायों में कार्यरत 7,992 स्वच्छता दीदियों को इसका लाभ मिलेगा। इस खरीदी के लिए प्रति कर्मी 3,700 रुपये की दर निर्धारित की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में नगरीय निकायों को निर्देश जारी किए हैं।

सरकार की ओर से मंजूर की गई कुल राशि 2 करोड़ 95 लाख 70 हजार 400 रुपये है। इससे स्वच्छता के काम में लगी महिलाओं को जरूरी वर्दी और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह है कि इस खरीदी के लिए अलग से राशि जारी करने के बजाय नगरीय निकायों में उपलब्ध उपभोक्ता शुल्क यानी यूजर चार्ज की रकम का इस्तेमाल किया जाएगा।

PPE Kit Purchase Rules: 145 नगरीय निकायों में होगी वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी

राज्य शासन ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के नगरीय निकायों में स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में स्वच्छता दीदियों के लिए वर्दी और सुरक्षा उपकरण खरीदने की मंजूरी दी गई है। प्रदेश के 145 नगरीय निकायों में काम करने वाली 7,992 स्वच्छता दीदियों के लिए यह व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कर्मी के लिए 3,700 रुपये की राशि तय की गई है।

इसके तहत निर्धारित जरूरतों के अनुसार वर्दी और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण यानी पीपीई किट खरीदी जा सकेगी। स्वच्छता के काम में जुटी महिला कर्मियों को काम के दौरान सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। निर्धारित राशि का उपयोग इसी उद्देश्य से किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत रकम को किसी अन्य काम में खर्च नहीं किया जा सकेगा।

यूजर चार्ज की राशि से होगा पूरा खर्च

वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी के लिए नगरीय निकायों में उपलब्ध उपभोक्ता शुल्क यानी यूजर चार्ज की राशि का उपयोग किया जाएगा। विभाग ने निकायों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत राशि को केवल स्वच्छता दीदियों के लिए निर्धारित सामग्री की खरीदी पर ही खर्च किया जाए। इस राशि का इस्तेमाल दूसरे कार्यों में करने की अनुमति नहीं होगी। निकायों को खरीदी के दौरान शासन के निर्देशों और निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन करना होगा। इसके साथ ही नगरीय निकायों से संबंधित अधिनियमों और नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी।

खरीदी के बाद देना होगा खर्च का पूरा हिसाब

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने खरीदी की प्रक्रिया के साथ-साथ खर्च के हिसाब और दस्तावेजों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। निकायों को केवल राशि खर्च करने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें खरीदी से जुड़े जरूरी दस्तावेज और कार्य पूरा होने के प्रमाण भी विभाग को भेजने होंगे। इसके लिए कार्यादेश की प्रति, खर्च का पूरा विवरण और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा खरीदी और कार्य से संबंधित सत्यापित जियो-टैग तस्वीरें भी भेजनी होंगी। इन दस्तावेजों के माध्यम से विभाग खरीदी की प्रक्रिया और स्वीकृत राशि के इस्तेमाल का रिकॉर्ड रख सकेगा।

छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के तहत होगी खरीदी

विभाग ने निर्देश दिया है कि वर्दी और पीपीई किट की खरीदी छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों के संशोधित 2026 के प्रावधानों के अनुसार की जाए। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, रायपुर द्वारा निर्मित सामग्री की सीधे खरीदी से संबंधित लागू नियमों का भी पालन करना होगा। खरीदी के दौरान निर्धारित तकनीकी मापदंडों और शासन के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखना अनिवार्य होगा। इससे खरीदी की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा करने और खर्च का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने पर जोर रहेगा।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों के बीच फैसला

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर नगरीय निकायों में स्वच्छता संबंधी गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में स्वच्छता दीदियों के लिए वर्दी और सुरक्षा उपकरणों की खरीदी की मंजूरी को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रदेश के 7,992 कर्मियों के लिए स्वीकृत इस राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अनुसार करना होगा। खरीदी पूरी होने के बाद निकायों को दस्तावेजों, व्यय विवरण और जियो-टैग तस्वीरों के साथ विभाग को रिपोर्ट भेजनी होगी। इस तरह योजना के तहत राशि के इस्तेमाल और खरीदी की प्रक्रिया का पूरा हिसाब रखना अनिवार्य होगा।