
PM स्वनिधि योजना में बैंकों की सुस्ती (फोटो सोर्स- AI)
रायपुर@संतराम साहू। PM SVANidhi Scheme: प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत प्रदेश में पथ विक्रेताओं को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में बैंकों की सुस्ती सामने आई है। योजना के लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण और पात्र हितग्राहियों को ऋण वितरण में तेजी लाने की कवायद की जा रही है। योजना का उद्देश्य पथ विक्रेताओं को बिना किसी प्रतिभूति के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। पिछले दिनों हुई समीक्षा में बैंकों के स्तर पर लंबित आवेदनों के कारण पात्र हितग्राहियों को समय पर ऋण दिलाने की चुनौती सामने आई है।
योजना के तहत पथ विक्रेताओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 78,037 पथ विक्रेता डिजिटल लेन-देन के लिए सक्रिय हैं। शेष पथ विक्रेताओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जाएंगे। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ कैशबैक जैसी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक वेंडरों तक पहुंचाना है।
नगरीय निकायों से कहा गया है कि वे संबंधित बैंकों के साथ लगातार समन्वय कर आवेदनों की स्वीकृति और ऋण वितरण की प्रक्रिया तेज कराएं। जिन बैंकों के पास सबसे अधिक प्रकरण लंबित हैं, उन्हें निगरानी समिति की अगली बैठक में समीक्षा की जाएगी।
प्रदेश में क्रेडिट कार्ड के 4,224 ऑनलाइन आवेदनों में से 394 स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 240 क्रेडिट कार्ड बैंकों द्वारा जारी किए गए हैं। स्ट्रीट फूड हब के लिए रायपुर में महादेव घाट विसर्जन कुंड के समीप, बिलासपुर में अशोक नगर और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास, जगदलपुर में दलपत सागर के समीप रानी घाट, जशपुर में वेंडर्स भोज चौपाटी तथा अन्य प्रस्तावित स्थल शामिल हैं। केंद्र सरकार को दूसरे चरण में अन्य शहरों के प्रस्ताव भेजे जाने पर विचार किया जा रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा से दो वर्ष पहले पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। साथ ही नगरीय निकायों में पथ विक्रेताओं के साथ नियमित संवाद कार्यक्रम और बैंकर्स कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बैंकों द्वारा निरस्त या वापस किए गए आवेदनों की दोबारा समीक्षा कर उनके कारणों की जानकारी जुटाने और आवश्यक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग के मुताबिक, बैंकों और नगरीय निकायों को आपसी समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने को कहा गया है। योजना के तहत तय समय-सीमा से दो वर्ष पहले पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार का लक्ष्य दिया गया है।
Updated on:
11 Oct 2026 02:16 pm
Published on:
11 Oct 2026 02:16 pm
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