रायपुर

Electricity Rate Hike: जनता को करंट का झटका! छत्तीसगढ़ में 6.23% महंगी हुई बिजली, बढ़ेगा हर महीने का बिल

Chhattisgarh Electricity Rate: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में 6.23% की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30-50 पैसे, गैर-घरेलू के लिए 20-40 पैसे और कृषि पम्पों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तक दरें बढ़ाई गई हैं।
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Jun 15, 2026
Chhattisgarh Electricity Bill
छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी (photo source- Patrika)

Electricity Rate: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य में बिजली दरों में 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरों का असर घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों और किसानों तक सभी पर पड़ेगा। बिजली दरों में वृद्धि के बाद अब उपभोक्ताओं को हर महीने ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा।बिजली नियामक आयोग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। बढ़ी हुई दरें लागू होने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, छोटे व्यवसायों और कृषि क्षेत्र पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।

CG Electricity Tariff: घरेलू उपभोक्ताओं को देना होगा ज्यादा बिल

नई दरों के तहत घरेलू बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 30 पैसे से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर लाखों परिवारों के मासिक बिजली बिल पर दिखाई देगा। गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने के कारण अब उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी बढ़ेगा बोझ

गैर-घरेलू यानी व्यवसायिक और व्यावसायिक कनेक्शनों के लिए भी बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। इसका असर दुकानों, छोटे उद्योगों, कार्यालयों, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली खर्च बढ़ने से कई छोटे व्यवसायों की संचालन लागत में इजाफा हो सकता है।

किसानों को भी लगा झटका

राज्य के किसानों के लिए भी यह फैसला राहत भरा नहीं है। कृषि पम्पों के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि राज्य सरकार किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत राहत देती है, लेकिन बिजली दरों में वृद्धि का असर कृषि लागत पर पड़ सकता है। विशेष रूप से वे किसान जिनकी सिंचाई व्यवस्था बिजली आधारित पम्पों पर निर्भर है, उन्हें अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ सकता है।

Electricity bill increased: क्यों बढ़ाई गई बिजली दरें?

बिजली कंपनियों द्वारा उत्पादन, खरीद, ट्रांसमिशन और वितरण लागत में वृद्धि का हवाला लंबे समय से दिया जाता रहा है। बिजली क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती परिचालन लागत और ऊर्जा खरीद खर्च के कारण समय-समय पर बिजली दरों में संशोधन किया जाता है। हालांकि उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि महंगाई के दौर में बिजली दरों में बढ़ोतरी आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डालती है और सरकार को राहत देने के उपाय तलाशने चाहिए।

लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई 6.23 प्रतिशत की वृद्धि का असर राज्य के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बढ़ी हुई दरों के चलते आने वाले महीनों में बिजली बिलों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन परिवारों और प्रतिष्ठानों की बिजली खपत अधिक है, उनके मासिक खर्च में अपेक्षाकृत ज्यादा वृद्धि होगी।

महंगाई के बीच बढ़ी चिंता

एक ओर जहां पहले से ही खाद्य पदार्थों, ईंधन और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोग प्रभावित हैं, वहीं अब बिजली दरों में वृद्धि ने लोगों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। बिजली जीवन की बुनियादी जरूरतों में शामिल है और इसकी दरों में किसी भी प्रकार की वृद्धि का प्रभाव सीधे आम नागरिकों के मासिक बजट पर पड़ता है। ऐसे में नई दरों के लागू होने के बाद लोगों को अपने बिजली उपयोग और खर्च के बीच संतुलन बनाना होगा।

Commercial electricity tariff: उपभोक्ताओं की नजर अगले बिल पर

बिजली दरों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर आने वाले बिजली बिलों पर टिकी है। नई दरों के प्रभाव का वास्तविक आकलन तब होगा जब बढ़े हुए शुल्क के अनुसार बिल जारी होने शुरू होंगे। फिलहाल इतना तय है कि छत्तीसगढ़ में बिजली की कीमतों में हुई 6.23 प्रतिशत वृद्धि ने घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इसका असर लोगों के मासिक खर्च पर साफ दिखाई देगा।

Updated on:
15 Jun 2026 07:34 pm
Published on:
15 Jun 2026 06:26 pm