Congress Social Media Fake News: छत्तीसगढ़ में वसुंधरा राजे के नाम से वायरल कथित फर्जी पत्र को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है।
Fake Letter Controversy: देशभर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी बहस लगातार तेज हो रही है, लेकिन इसका असर अब सीधे छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी साफ दिखाई देने लगा है। इसी बीच बीजेपी नेत्री और वसुंधरा राजे के नाम से वायरल एक कथित फर्जी पत्र ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर टकराव चल रहा है। अब इस फर्जी पत्र विवाद ने इसे और तीखा बना दिया है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “फेक न्यूज का अड्डा” बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एक पूरी तरह फर्जी और भ्रामक पत्र को आधिकारिक प्लेटफॉर्म से शेयर करना कांग्रेस की “गिरती राजनीतिक सोच” को दर्शाता है। बीजेपी का दावा है कि यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं से जुड़े अहम कानून को लेकर भ्रम फैलाना है।
बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस “Anti Women Alliance” का चेहरा बन गई है। पार्टी का कहना है कि भाजपा नेताओं के नाम से फर्जी पत्र बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाना न केवल राजनीतिक साजिश है, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ एक नकारात्मक मानसिकता को भी दर्शाता है। छत्तीसगढ़ बीजेपी के नेताओं का कहना है कि राज्य में महिलाओं के मुद्दों को लेकर वे लगातार सक्रिय हैं और इस तरह के फर्जी प्रचार से जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
इस पूरे विवाद के बाद भाजपा ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि:
बीजेपी का यह भी कहना है कि यदि कांग्रेस ऐसा नहीं करती है तो “नारी शक्ति” सड़कों से लेकर लोकतंत्र के हर मंच तक जवाब देगी।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब सोशल मीडिया एक बड़ा हथियार बन चुका है। चुनावी माहौल के बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम होते जा रहे हैं, लेकिन फर्जी कंटेंट के आरोप ने इस बार विवाद को ज्यादा गंभीर बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे मुद्दे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में पहले ही पक्ष-विपक्ष आमने-सामने हैं। छत्तीसगढ़ में भी यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है। एक ओर भाजपा इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसकी टाइमिंग और क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रही है।