रायपुर

Nursing Council scam: नर्सिंग काउंसिल में बड़ा घोटाला उजागर! निलंबित रजिस्ट्रार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

Nursing Council scam: छत्तीसगढ़ में नर्सिंग काउंसिल की निलंबित रजिस्ट्रार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राइवेट कॉलेजों को मान्यता देने और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है।

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Apr 22, 2026
नर्सिंग काउंसिल घोटाला (photo source- Patrika)
नर्सिंग काउंसिल घोटाला (photo source- Patrika)

Nursing Council scam: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां नर्सिंग काउंसिल की निलंबित रजिस्ट्रार दुर्गावती उसारे के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है, जिसने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Nursing Council scam: धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों का आरोप

गोलबाजार थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, दुर्गावती उसारे ने 24 मार्च 2022 से 21 अप्रैल 2026 के बीच कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के आधार पर नर्सिंग संस्थानों का पंजीयन किया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार करते हुए कई निजी नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा। यह मामला तब सामने आया जब नर्सिंग संचालनालय में पदस्थ उप संचालक डॉ. निधि ग्वालरे ने विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसके आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।

पहले ही हो चुकी थी निलंबन की कार्रवाई

इससे पहले, 8 अप्रैल को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने दुर्गावती उसारे को निलंबित कर दिया था। विभागीय जांच में पाया गया कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रस्तावित किया और मान्यता प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतीं।

जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने वित्तीय गड़बड़ियां कीं, शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत की। निलंबन के बाद दुर्गावती उसारे को उनके मूल पद से हटाकर रायपुर के सीएमएचओ कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। यह आदेश मंत्रालय स्तर से जारी किया गया, जिससे साफ है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

Nursing Council scam: सिस्टम पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने नर्सिंग शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संस्थानों को मान्यता दी जाती है, तो इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ जाता है।

पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। संभावना है कि इस घोटाले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है।

Published on:
22 Apr 2026 11:13 am