
New law Case: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण रोकने के लिए बनाए गए कानून के तहत रायपुर जिले में पहली एफआईआर दर्ज हुई है। खरोरा इलाके में आदिवासी समाज के लोगों को जबरन दूसरा धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों बीमारी ठीक करने का झांसा देकर चंगाई सभा कर रहे थे और इस दौरान हिंदू धर्म के खिलाफ भडक़ाऊ बातें की। इसका विरोध करते हुए ग्रामीणों ने खरोरा थाने में शिकायत की। पुलिस ने पास्टर सहित दो के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही उनको गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक खरोरा के माठ में पिछले कुछ दिनों से रायपुर के राजेंद्रनगर निवासी पास्टर सुशांत ज्ञानिक और पीयूष पटेल का आना-जाना था। वे ग्रामीणों को उनके देवी-देवताओं की पूजा-पाठ छोडक़र ईसाई धर्म को मानने के लिए कहते थे। ग्रामीण हेमंत मरावी, अरुण कुमार उइके व अन्य ने इसका विरोध किया। इसके बाद सुशांत और पीयूष चले गए। बुधवार की शाम करीब 7 बजे फिर पास्टर सुशांत और उसके सहयोगी पीयूष पटेल पहुंचे।
यहां लोकेश नेताम के घर पर इसाई धर्म की प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसमें दावा किया गया कि वह बीमारी को ठीक कर देंगे। इस दौरान हिंदू देवी-देवताओं और पूजापाठ छोडक़र उनके धर्म को मानने के लिए दबाव डाल रहे थे। इससे मौके पर विवाद खड़ा हो गया। फिर हेमंत व अन्य लोगों ने इसकी सूचना खरोरा पुलिस को दी। इसके बाद रात 10 बजे पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
घटना की सूचना मिलते ही खरोरा पुलिस मौके पर पहुंची और पास्टर सुशांत और उनके सहयोगी पीयूष को पकड़ा लिया। दोनों के खिलाफ पुलिस ने धारा 299, 302, 3(5) बीएनएस और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्त्र्य अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत केस दर्ज कर लिया।
इस मामले में जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि भोले-भाले ग्रामवासियों को बहला-फुसलाकर बीमारी ठीक करने के बहाने धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा है जिसका विरोध किया जा रहा है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं नगर पंचायत खरोरा के उपाध्यक्ष सुमित सेन ने कहा कि हिंदू धर्म के लोग स्वभाव से सरल होते हैं और बाहर से आने वाले व्यक्तियों का सम्मान करते हैं, लेकिन बीमार-पीडि़त लोगों को चिन्हांकित कर लालच और झांसा देकर धर्मांतरण का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सर्व हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने का प्रयास है और प्रशासन को सख्ती अपनानी चाहिए। घटना के बाद से गांव में चर्चा का माहौल है। इस मामले पर खरोरा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कुशवाहा ने कहा है कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।