छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक एेसे नाइजीरियन गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कि फर्जी आईडी बनाकर महिलाओं को झांसे में लेता था। फिर ठगी करता था।
रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक एेसे नाइजीरियन गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कि सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर महिलाओं को झांसे में लेता था। फिर महिलाओं की फोटो के साथ आपत्तिजनक तरीके से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेल कर पैसे की मांग करता था। एेसा नहीं करने पर गिरोह के सदस्य महिलाओं की छेड़छाड़ की हुई फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देने की धमकी देता था। पुलिस ने नाइजीरियन गिरोह के सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि नाइजीरियन गिरोह सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाते और महिलाओं को अपने झांसे में लेते थे। इसी प्रकार नाइजीरियन गिरोह के सदस्य ने वैलेंसिया वार्ट नाम से एक फेक आईडी बनाई जिसमें उसने खुद को ब्रिटेन का बताया।
इसी दौरान रायपुर की रहने वाली एक महिला की फेसबुक पर गिरोह के सदस्य से मुलाकात हुई। गिरोह के सदस्य ने महिला को अपना वॉट्सएप नंबर दिया। इसके बाद दोनों के बीच वॉट्सएप पर बात होने लगी। धीरे-धीरे वॉट्सएप पर ही दोनों के बीच नजदीकियां इस कदर बढ़ गई कि महिला ने आरोपी को अपनी फोटो और वीडियो भेज दी।
इसके बाद महिला के उस वक्त होश उड़ गए जब उसे पता चला कि वो एक खतरनाक गिरोह के जाल में फंस गई है। गिरोह के सदस्य ने महिला की फोटो और वीडियो के साथ आपत्तिजनक से तरीके से छेड़छाड़ कर उससे पैसे की मांग की। एेसा नहीं करने पर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देने की धमकी दी।
आरोपी की धमकी से महिला काफी डर गई और उसने आरोपी के खाते में 7 लाख रुपए कर दिए और उसके नंबर को ब्लॉक कर दिया। लेकिन कुछ दिन बाद आरोपी ने एक नए नंबर से फोन पर धमकी देते हुए फिर से पैसों की मांग की। आरोपी की धमकी से महिला काफी परेशान हो गई और उस नंबर को भी ब्लॉक कर दिया।
आरोपी की धमकियों से परेशान महिला ने हिम्मत दिखाते हुए सिविल लाइन थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई और आरोपी के मोबाइल नंबर को ट्रेस की तो पता चला कि मोबाइल नंबर दिल्ली का है। छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम तुरंत दिल्ली रवाना हो गई।
दिल्ली पहुंचते ही छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम ने तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि आरोपी तिलक नगर में एक किराए के फ्लैट में रहता है। पुलिस ने तुरंत छापा मारा, वहां से नाइजीरियन गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में गिरोह के सदस्यों ने जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस को बताया कि वे सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर महिलाओं को झांसे में लेकर उनके साथ ठगी करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 लैपटॉप, 20 मोबाइल, 3 पासपोर्ट, वाईफाई डिवाइस, पेन ड्राइव, फर्जी सिम कार्ड और 20 हजार 700 सौ रुपए कैश बरामद किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।