
Petrol Supply Stopped: रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित जय जवान पेट्रोल पंप पर सोमवार को उस समय भारी हंगामा मच गया, जब पेट्रोल भरवाने के कुछ ही दूरी पर कई वाहन अचानक बंद हो गए। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में गिने जाने वाले तेलीबांधा में हुई इस घटना से वाहन चालकों में अफरा-तफरी फैल गई और देखते ही देखते पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई वाहन चालकों ने पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद कुछ दूरी तय की ही थी कि उनकी गाड़ियां झटके खाने लगीं और फिर बंद हो गईं। शुरुआत में लोगों ने इसे वाहन की सामान्य खराबी समझा, लेकिन जब एक के बाद एक कई गाड़ियों में यही समस्या सामने आई तो संदेह गहराने लगा। वाहन चालकों ने गाड़ियों को मैकेनिक के पास पहुंचाया, जहां जांच में पेट्रोल टैंक में भारी मात्रा में पानी मौजूद होने की बात सामने आई।
यह जानकारी मिलते ही प्रभावित ग्राहक सीधे पेट्रोल पंप पहुंच गए और वहां जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने आरोप लगाया कि खराब ईंधन के कारण उनकी गाड़ियां बंद हुईं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पेट्रोल पंप प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से संबंधित डिस्पेंसर से पेट्रोल की सप्लाई रोक दी।
पेट्रोल पंप संचालक सुभाष शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एहतियाती कदम उठाए गए। जिन ग्राहकों ने प्रभावित मशीन से पेट्रोल भरवाया था, उनकी राशि तत्काल वापस (रिफंड) कर दी गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि तकनीकी गड़बड़ी किस कारण हुई, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई जा रही है।
पंप प्रबंधन के अनुसार, घटना की आधिकारिक सूचना Indian Oil Corporation को भेज दी गई है। कंपनी की तकनीकी टीम और कांट्रेक्टर को मौके पर बुलाया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेट्रोल में पानी कैसे मिला। हालांकि देर रात तक तकनीकी कांट्रेक्टर के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण जांच प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी थी।
घटना के बाद वाहन चालकों में नाराजगी बनी हुई है। प्रभावित लोगों का कहना है कि केवल राशि लौटाने से नुकसान की भरपाई नहीं होगी, क्योंकि कई वाहनों को मरम्मत के लिए वर्कशॉप ले जाना पड़ा। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोष तय करने की मांग की है।
फिलहाल जय जवान पेट्रोल पंप पर संबंधित डिस्पेंसर की सप्लाई बंद कर दी गई है। प्रबंधन का कहना है कि तकनीकी जांच पूरी होने और कारण स्पष्ट होने के बाद ही सप्लाई दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा। राजधानी रायपुर के व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने ईंधन गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर इंडियन ऑयल की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि पेट्रोल में पानी मिलने के पीछे तकनीकी खामी थी या कोई अन्य वजह।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल पंप के भूमिगत स्टोरेज टैंक में पानी रिसने के मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी कारण हो सकते हैं। लगातार या मूसलाधार बारिश के दौरान यदि मैनोंहोल या टैंक का मुख्य ढक्कन/सील ढीली हो, तो पानी अंदर चला जाता है। भूमिगत टैंक पुराना होने या उसमें दरार आने पर आसपास का भूजल रिसकर ईंधन में मिल जाता है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण टैंक के भीतर प्राकृतिक रूप से नमी जमती है, जो पानी का रूप ले लेती है। इसकी नियमित ड्रेनेज जरूरी है। कई बार मुख्य डिपो या टैंकर से अनलोडिंग के दौरान ही तकनीकी खामी की वजह से दूषित ईंधन पंप तक पहुंच
जाता है।