
जंगल सफारी के 2 आकर्षण का जल्द निजीकरण (photo source- Patrika)
Chhattisgarh News: राजधानी रायपुर के जंगल सफारी के पास स्थित वनस्पति पार्क (बॉटनिकल गार्डन) और नंदनवन चिड़ियाघर के संचालन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वन विभाग इन दोनों प्रमुख पर्यटन स्थलों के संचालन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत निजी कंपनियों को संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ इन स्थलों का आधुनिक विकास किया जा सके।
वन विभाग ने इस परियोजना के लिए निवेशकों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग जल्द ही निविदा (टेंडर) जारी करेगा। इच्छुक निवेशकों को दोनों स्थलों का निरीक्षण कराया जाएगा, ताकि वे वहां की मौजूदा व्यवस्थाओं को समझ सकें और नियम एवं शर्तों का अध्ययन करने के बाद संचालन की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत कर सकें।
विभाग का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल निजी निवेश लाना नहीं है, बल्कि वनस्पति संरक्षण, जैव विविधता का संवर्धन और पर्यटकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करना भी है। योजना के तहत प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए दोनों स्थलों का विकास किया जाएगा।
पीपीपी मॉडल के तहत चयनित निजी कंपनी इन परियोजनाओं में पूंजी निवेश करेगी। कंपनी गार्डन, चिड़ियाघर और अन्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करेगी। साथ ही पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने, रखरखाव सुधारने और आकर्षण बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगी। सरकार की निगरानी में निजी भागीदारी के जरिए इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
योजना के तहत बॉटनिकल गार्डन और नंदनवन में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है। इसमें बेहतर विजिटर मैनेजमेंट, स्वच्छता व्यवस्था, पार्किंग, खानपान, सूचना केंद्र, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र, डिजिटल टिकटिंग और अन्य आधुनिक सुविधाओं को शामिल किए जाने की संभावना है। इससे पर्यटकों का अनुभव पहले से अधिक बेहतर होगा।
वन बल प्रमुख एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अरुण कुमार पांडेय ने बताया कि फिलहाल इच्छुक निवेशकों को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें स्थल का निरीक्षण भी कराया जाएगा। निरीक्षण और प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग निविदा जारी करेगा और तय मानकों के आधार पर निजी कंपनी का चयन किया जाएगा।
वन विभाग का मानना है कि निजी भागीदारी से दोनों स्थलों का विकास तेजी से होगा। इससे न केवल पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
07 Jul 2026 09:26 am
Published on:
07 Jul 2026 09:26 am
