
मंत्री केदार कश्यप का पलटवार (photo source- Patrika)
Nakti Land Dispute: वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने नकटी ग्राम प्रकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैलाकर सरकार की छवि खराब करने का सुनियोजित प्रयास कर रही है। मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि जिस भूमि को लेकर कांग्रेस राजनीति कर रही है, उसकी आवंटन प्रक्रिया 1 सितंबर 2020 से तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ हुई थी।
राजस्व अभिलेखों में उल्लेख है कि यह भूमि हाउसिंग बोर्ड को आवंटित किए जाने के लिए प्रस्तावित थी। आवंटन के लिए भूमि चिन्हित होने के बाद अवैध कब्जे बढ़ते गए और लगभग 3 हेक्टेयर से बढक़र 15 हेक्टेयर तक अतिक्रमण फैल गया।
नकटी मामले में अवैध कब्जा को हटाने के लिए की गई कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस लगातार हमलावर हो गई है। इस मामले को कांग्रेस सडक़ से लेकर सदन में उठाने की तैयारी में है। इसके तहत कांग्रेस ने लोकभवन को पत्र लिखकर राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय मांगा है। कांग्रेस ने 10 जुलाई का समय देने का आग्रह किया है। इसमें 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर नकटी मामले में स्तुस्थिति से अवगत कराते हुए हस्तक्षेप का आग्रह करेगा, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सकें।
कांग्रेस की मांग है कि नकटी गांव के ग्रामीणों के विरुद्ध दर्ज बलवा सहित अन्य सभी प्रकरणों को राज्य सरकार तत्काल बिना शर्त वापस लें। प्रभावित परिवारों को उनके मूल स्थान के निकट सम्मानजनक एवं उपयुक्त जगह पर स्थायी भूमि एवं आवास उपलब्ध कराया जाए। जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने नकटी के ग्रामीणों के मकान तोडऩे के समर्थन में मंत्री केदार कश्यप के बयान को भाजपा की बेशर्मी बताया। उन्हें मंत्री से माफी मांगने और तोड़े गए मकान को फिर से बनाने की मांग की है। शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार ने बरसात में गरीबों के मकान उजाडक़र महापाप किया है। उन्होंने सवाल किया कि विधायक कॉलोनी के लिए पर्याप्त जगह होने के बावजूद नकटी के मकान क्यों तोड़े गए और यह तोड़-फोड़ किसके निजी हितों के लिए हुई?
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर आम आदमी के मकान तोड़कर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार में नकटी में विधायक आवास का प्रस्ताव खारिज हो गया था। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव और मंत्री ओपी चौधरी के विरोधाभासी बयानों का हवाला देते हुए कहा कि विधायक आवास की योजना भाजपा सरकार की है, जिसका प्रमाण विधानसभा वीडियो और सचिव अंकित आनंद का पत्र है।
Updated on:
07 Jul 2026 06:48 am
Published on:
07 Jul 2026 06:48 am
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