Chhattisgarh News: वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी संग्राहक परिवार का पहली ही पंजीयन किया जा चुका है। तोड़ाई के बाद उक्त लोगों से इसकी खरीदी की जाएगी।
Chhattisgarh News: राज्य में तेंदूपत्ता (हरा सोना) की तोड़ाई शुरू होते ही तस्करी का खेल चालू हो गया है। देशभर में सबसे ज्यादा दर पर खरीदी को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं। रात के अंधेरे में पड़ोसी राज्यों से जंगल के रास्ते इसे लाया जा रहा है। साथ ही स्थानीय संग्रहण केंद्रों में खपाया जा रहा है। इसकी भनक मिलते ही वन विभाग के अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही फड़ मुंशी और ठेकेदारों को जांच-परख करने के बाद ही खरीदी करने कहा गया है। ताकि दूसरे राज्यों से लाए गए तेंदूपत्ता की खरीदी करने से रोका जा सके।
वहीं, इसे खेल में लगे बिचौलियों को पकड़ने के लिए वनोपज नाका और चौकियों में निगरानी बढ़ाकर गश्त करने कहा गया है। बता दें कि इस साल 15 लाख से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता तोड़ाई का लक्ष्य रखा गया है। करीब 13 लाख परिवारों द्वारा इसका संग्रहण किया जाएगा। तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले 13 लाख से अधिक परिवार को तोड़ाई के एवज में 920 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाएगा।
यह राशि पारदर्शी डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में जमा होगी। साथ ही नीलामी के बाद इसके विक्रय का लाभांश भी नियमानुसार उन्हें दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी संग्राहक परिवार का पहली ही पंजीयन किया जा चुका है। तोड़ाई के बाद उक्त लोगों से इसकी खरीदी की जाएगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2025-26 बजट में बोनस के लिए 161 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
देशभर में छत्तीसगढ़ का तेंदूपत्ता सबसे अच्छा माना जाता है। इसकी डिमांड और राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों के लिए आजीविका का सबसे बड़ा साधन होने के कारण ही खरीदी मूल्य को बढ़ाया गया है। पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से कारोबारी इसकी खरीदी करने के लिए आते हैं। इसे देखते हुए ही निविदा जारी करने पर इसकी खरीदी करने की होड़ लगी रहती है।
छत्तीसगढ़-- 5500 रुपए
मध्यप्रदेश -- 4000 रुपए
महाराष्ट्र -- 4200 रुपए
झारखंड -- 3200 रुपए
तेलंगाना -- 3000 रुपए
ओडिशा -- 2800 रुपए
आंध्रप्रदेश -- 2500 रुपए
उत्तरप्रदेश -- 2000 रुपए
बिहार -- 1800 रुपए
तोडा़ई का सीजन शुरू होते ही बिचौलियों के सक्रिय होने की जानकारी मिली है। इसे देखते हुए विभागीय अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। तेंदूपत्ता की तोड़ाई इस साल 15 अप्रैल से लेकर 10 जून तक होगी। सबसे पहले दक्षिण बस्तर से शुरुआत करने के बाद अंतिम चरण सरगुजा में 10 से 15 जून के बीच पूरी होगी।