
GSTAT Hearing 2026: छत्तीसगढ़ के करदाताओं, व्यापारियों, वकीलों और विभागीय अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) की रायपुर बेंच 27 जुलाई से आधिकारिक रूप से मामलों की सुनवाई शुरू करने जा रही है। इससे लंबे समय से लंबित GST विवादों के निपटारे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। GSTAT के संचालन से राज्य के हजारों करदाताओं को राहत मिलेगी, जिन्हें अब अपील संबंधी मामलों के लिए दूसरे राज्यों या लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार, GSTAT रायपुर बेंच फिलहाल अपने अस्थायी परिसर से कार्य करेगी। यह परिसर नॉर्थ बी-ब्लॉक, सेक्टर-19 स्थित वाणिज्यिक कर एवं GST भवन, नवा रायपुर (अटल नगर) में स्थापित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थायी व्यवस्था होने तक इसी परिसर से नियमित सुनवाई की जाएगी। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, रायपुर बेंच में सभी श्रेणी के मामलों को सप्ताह में पांच दिन यानी सोमवार से शुक्रवार तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। इस व्यवस्था से अपीलों के निपटारे में तेजी आएगी और करदाताओं को समयबद्ध न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी। व्यापारिक संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है।
GSTAT प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिदिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध मामलों की जानकारी ट्रिब्यूनल के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। संबंधित पक्ष “कॉज़ लिस्ट” टैब के माध्यम से अपने मामलों की स्थिति, सुनवाई की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, वकीलों और अधिकृत प्रतिनिधियों को भी नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रायपुर में GSTAT बेंच की शुरुआत से न केवल मामलों का निपटारा तेज होगा, बल्कि करदाताओं का समय और खर्च भी बचेगा। इससे प्रदेश में कर प्रशासन को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। 27 जुलाई से शुरू होने वाली यह पहल छत्तीसगढ़ के व्यापारिक और कर तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।