रायपुर

High Court Decision: 14 साल की सेवा के बाद भी राहत नहीं, हाईकोर्ट ने रद्द की 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्तियां

CG High Court Decision: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की वर्ष 2011 की सब-इंजीनियर भर्ती में अनियमितताओं को लेकर 67 अपात्र सब-इंजीनियरों की नियुक्तियां रद्द कर दी हैं।
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Feb 03, 2026
अपात्र 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्तियां रद्द (photo source- Patrika)
अपात्र 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्तियां रद्द (photo source- Patrika)

High Court Decision: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 2011 में आयोजित सब-इंजीनियर (सिविल) भर्ती प्रक्रिया में पाई गई गंभीर अनियमितताओं को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने इस भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्त 67 सब-इंजीनियरों की नियुक्तियों को अवैध घोषित करते हुए उन्हें रद्द करने का आदेश दिया है।

CG High Court Decision: नियुक्ति को शुरू से ही शून्य माना जाएगा

कोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि जिन कैंडिडेट्स के पास एप्लीकेशन की डेडलाइन तक ज़रूरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन नहीं थी, उनकी अपॉइंटमेंट शुरू से ही रद्द हो जाएगी। कोर्ट ने कहा कि रिक्रूटमेंट प्रोसेस में तय नियमों और एलिजिबिलिटी की शर्तों का पालन करना ज़रूरी है, और इन शर्तों में कोई भी ढिलाई मंज़ूर नहीं है। यह अहम फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया।

भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए

CG High Court Decision: कोर्ट ने माना कि एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा किए बिना की गई नियुक्तियां कानूनी तौर पर टिकने लायक नहीं थीं और काबिल उम्मीदवारों के अधिकारों का उल्लंघन करती थीं। हाई कोर्ट के इस फैसले ने पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की 2011 की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, इस फैसले को सरकारी भर्ती में पारदर्शिता और नियमों का सख्ती से पालन करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Updated on:
04 Feb 2026 07:30 pm
Published on:
03 Feb 2026 07:51 pm