रायपुर

IFS अधिकारी ओपी यादव बने PCCF, छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किया पदोन्नति आदेश

IFS Promotion News: छत्तीसगढ़ सरकार ने 1995 बैच के IFS अधिकारी ओपी यादव को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) पद पर पदोन्नत किया है। उन्हें वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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Aug 01, 2026
IFS Promotion News:
छत्तीसगढ़ मंत्रालय महानदी भवन (Photo Patrika )

IFS Promotion News: छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी ओपी यादव (1995 बैच) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के पद पर पदोन्नत कर दिया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन, छत्तीसगढ़ के पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य शासन ने यह पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी करते हुए उन्हें एचएजी+ (HAG+) लेवल-16 के वेतनमान में पदोन्नत किया है। यह पद वन विभाग के वरिष्ठतम पदों में शामिल है और राज्य में वन्यजीव संरक्षण व जैव विविधता प्रबंधन की जिम्मेदारी इसी पद के माध्यम से निभाई जाती है।

HAG+ (लेवल-16) वेतनमान में पदोन्नति

वन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन) के रूप में कार्यरत ओपी यादव को अब नियमित रूप से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) के पद पर पदोन्नत किया गया है। उन्हें एचएजी+ (लेवल-16) के तहत ₹2,05,400 से ₹2,24,400 के वेतनमान का लाभ मिलेगा।

नवा रायपुर में मिली नई जिम्मेदारी

राज्य शासन ने ओपी यादव को आगामी आदेश तक प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन), छत्तीसगढ़ के पद पर पदस्थ किया है। वे अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर से अपनी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इस पद पर रहते हुए राज्य में वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता प्रबंधन, संरक्षित क्षेत्रों की निगरानी तथा वन्यजीव संरक्षण संबंधी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उनके पास होगी।

वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी मजबूती

वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ओपी यादव के लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ राज्य में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संरक्षण से जुड़े कार्यों को मिलेगा। उनके नेतृत्व में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, संरक्षित वन क्षेत्रों का बेहतर प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों को और गति मिलने की उम्मीद है।

Updated on:
01 Aug 2026 07:09 pm
Published on:
01 Aug 2026 07:09 pm