
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मानसून के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। मौसम विभाग ने शनिवार सुबह 10 बजे तक 23 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में अधिकतम 3 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई, लेकिन प्रदेश में अब तक सामान्य औसत की तुलना में करीब 18 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव के कारण मानसूनी गतिविधियां कुछ दिनों तक कमजोर रहीं, जिससे बारिश का दायरा सीमित हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे-जैसे नया मौसम तंत्र सक्रिय होगा, प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।
शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और दुर्ग सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। दूसरी ओर, सबसे कम न्यूनतम तापमान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा रोड में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजधानी रायपुर में शनिवार को दिनभर आसमान में आंशिक से सामान्य बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार यहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से मानसून की सक्रियता कम हो गई थी। इसकी प्रमुख वजह जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ रहा। इस सिस्टम ने अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाओं को अपनी ओर खींच लिया, जिससे छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गईं। वहीं असम और बिहार जैसे राज्यों में मानसून अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में 'मानसून ब्रेक' जैसी स्थिति नहीं बनेगी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण कुछ समय तक बारिश सीमित क्षेत्रों तक ही रह सकती है। नया मौसम तंत्र बनने के बाद वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने शनिवार सुबह 10 बजे तक जिन जिलों के लिए बारिश की संभावना जताई है, उनमें: कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है। जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां यात्रा के दौरान सावधानी बरतने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। नए मौसम तंत्र के सक्रिय होने के बाद प्रदेश में मानसून फिर रफ्तार पकड़ सकता है।