
Indian Railway: @हिमांशु शर्मा। निजी कूरियर कंपनियों की बढ़ती निर्भरता के बीच भारतीय रेलवे अपनी पार्सल सेवा को नए कलेवर में पेश करने की तैयारी में है। अब पार्सल भेजने के लिए न तो रेलवे स्टेशन के चक्कर लगाने होंगे और न ही लंबी कतारों में खड़े होकर कागजी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेंगी। रेलवे जल्द ही 'रेल पार्सल ऐप- घर से घर तक' की सुविधा शुरू करने जा रहा है।
इसके जरिए ग्राहक मोबाइल पर ही पार्सल बुक कर सकेंगे और घर बैठे पिकअप से लेकर गंतव्य तक डिलीवरी की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। रेलवे की इस पहल का उद्देश्य पार्सल परिवहन को आसान, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में रेलवे के साथ निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी भागीदार होंगी। यानी पार्सल घर से उठाने, ट्रेन से गंतव्य तक पहुंचाने और फिर प्राप्तकर्ता के घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अलग-अलग चरणों में तय होगी।
रेलवे की योजना के मुताबिक, यह ऐप एंड्रॉइड और आईओएस मोबाइल प्लेटफॉर्म के साथ वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा। शुरुआती चरण में देश के आठ प्रमुख महानगरों और शहरों में इसे लागू किया जाएगा। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलूरु और पुणे शामिल हैं। धीरे-धीरे देशभर में विस्तारित करने की योजना है। आने वाले समय में रायपुर और बिलासपुर में भी सुविधा मिलेगी।
इस नई व्यवस्था में पार्सल परिवहन के तीन चरण होंगे। पहले चरण यानी फर्स्ट माइल में लॉजिस्टिक्स कंपनी ग्राहक के घर या प्रतिष्ठान से पार्सल उठाकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगी। दूसरे चरण यानी मिडिल माइल में रेलवे पार्सल को ट्रेन के जरिए गंतव्य स्टेशन तक ले जाएगी। तीसरे चरण यानी लास्ट माइल में लॉजिस्टिक्स पार्टनर पार्सल को स्टेशन से उठाकर सीधे प्राप्तकर्ता के पते तक पहुंचाएगा। हालांकि, घर से पिकअप और घर तक डिलीवरी दोनों वैकल्पिक सुविधाएं होंगी। ग्राहकों को पार्सल मजबूत डिब्बों, ट्रंक, टोकरी या बोरी में सुरक्षित रूप से पैक करना होगा।
रेलवे अधिकारी से मिले डाटा के अनुसार रायपुर रेलवे पार्सल से हर दिन ऐवरेज 435 सामान की बुकिंग होती है। वहीं यदि लीज कंपनी के माध्यम से बुकिंग की बात की जाए तो, करीब 650 पार्सल की बुकिंग होती है। कुल हर दिन 1100 से अधिक पार्सल की बुकिंग है। वहीं इनसे हर माह रेलवे को 26 लाख रुपए की अनुमानित आय प्राप्त होती है। वहीं रायपुर मंडल ने 2025-26 में पार्सल से 7.44 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्त किया है। हालांकि इस डाटा के लिए जब पार्सल से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी एसीएम शेषमणी पांडेय से जानकारी मांगी गई तो, उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही।
ऑनलाइन बुकिंग- ग्राहक अपने मोबाइल नंबर से ऐप पर पंजीकरण कर पार्सल का विवरण, प्रस्थान एवं गंतव्य स्टेशन दर्ज करके बुकिंग कर सकेंगे और अपनी पसंद का डिलीवरी पार्टनर स्वयं चुन सकेंगे।
पिकअप (फर्स्ट माइल) एवं डिलीवरी (लास्ट माइल) सेवाएं वैकल्पिक होंगी। ऐप पर पिकअप के लिए उपलब्ध समय-स्लॉट भी देख सकेंगे। पैकिंग एवं भंडारण जैसी अतिरिक्त सेवाएं भी वैकल्पिक रूप से ली जा सकेंगी।
ऐप पर दर्ज बुकिंग विवरण ही डिजिटल फॉरवर्डिंग नोट के रूप में मान्य होगा। रेल यात्रा भाग के लिए भौतिक पार्सल वे-बिल की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल रसीद एवं ओटीपी पर्याप्त होंगे। एक ही भुगतान में सभी सेवाएं- रेल भाड़ा, पिकअप-डिलीवरी शुल्क एवं अन्य सेवाओं का भुगतान एक ही लेन-देन में यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि डिजिटल माध्यमों से किया जा सकेगा।