
कोलकाता से बिलासपुर तक प्रतिबंधित मछली का नेटवर्क! (Photo Source- Patrika)
Illegal Fish Transportation: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली की अवैध बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग ने इसके लिए सात सदस्यीय विशेष टीम गठित की है, जो शहर के थोक और खुदरा मछली बाजारों में लगातार जांच कर रही है। जांच के दौरान प्रतिबंधित मछली मिलने पर उसे जब्त कर नष्ट किया जा रहा है।
विभाग को आशंका है कि हावड़ा और कोलकाता की ओर से आने वाली ट्रेनों के पार्सल के माध्यम से सामान्य सामान की आड़ में इस मछली की खेप बिलासपुर पहुंचाई जा रही है। अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए अब रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने की तैयारी है। विभाग संदिग्ध पार्सल की जांच और मछली की अवैध आवक रोकने के लिए रेलवे को पत्र लिखेगा। साथ ही मछली कारोबारियों और परिवहन एजेंटों को भी नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
मत्स्य विभाग की सात सदस्यीय विशेष टीम ने बिलासपुर के मछली बाजारों में औचक जांच शुरू कर दी है। टीम का उद्देश्य प्रतिबंधित थाई मांगुर की बिक्री और वितरण पर रोक लगाना है। जांच के दौरान जहां भी यह मछली मिलती है, उसे जब्त कर नियमानुसार नष्ट कराया जा रहा है। विभाग की निगरानी केवल बाजारों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों को आशंका है कि बाहर से आने वाली खेप स्थानीय कारोबारियों और परिवहन एजेंटों के माध्यम से बाजार तक पहुंच रही है। ऐसे में मछली की आवक से लेकर बिक्री तक की कड़ी पर नजर रखी जा रही है। विभाग ने कारोबारियों को चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित मछली की खरीद-बिक्री या परिवहन में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य विभाग की पड़ताल में हावड़ा और कोलकाता रूट से आने वाली ट्रेनों के पार्सल के जरिए थाई मांगुर मछली बिलासपुर पहुंचाए जाने की आशंका सामने आई है। बताया जा रहा है कि सामान्य सामान की आड़ में मछली की खेप लाकर स्थानीय बाजारों में खपाने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए विभाग रेलवे प्रशासन से संपर्क करेगा।
योजना के तहत संदिग्ध पार्सल और कंटेनरों की जांच में संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि प्रतिबंधित मछली की खेप बाजारों तक पहुंचने से पहले ही पकड़ी जा सके। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल और पार्सल विभाग के कर्मचारियों के साथ तालमेल स्थापित करने की तैयारी है।
थाई मांगुर की अवैध आवक रोकने के लिए हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग से आने वाली ट्रेनों के पार्सल की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विभाग रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर संदिग्ध माल की संयुक्त जांच और अनधिकृत परिवहन को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का अनुरोध करेगा। स्टेशन परिसर और पार्सल यार्ड में संदिग्ध खेप की पहचान कर कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है।
हालांकि, जांच और निगरानी की व्यवस्था को लेकर रेलवे प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। विभाग स्थानीय आढ़तियों और परिवहन एजेंटों को भी निर्देश देने की तैयारी में है कि वे प्रतिबंधित मछली के परिवहन और बिक्री से दूर रहें। किसी भी संदिग्ध खेप को बिना जरूरी जांच और वैध दस्तावेजों के स्वीकार नहीं करने की हिदायत दी गई है।
थाई मांगुर मछली की एक ऐसी प्रजाति है, जिसके पालन और कारोबार पर भारत में प्रतिबंध लागू है। इसके पालन को लेकर पर्यावरणीय चिंताएं भी जताई जाती रही हैं। यह प्रजाति तेजी से बढ़ती है और स्थानीय जलीय पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। मत्स्य विभाग लोगों को प्रतिबंधित प्रजाति की खरीद-बिक्री से बचने के लिए जागरूक कर रहा है।
हालांकि, इस मछली के सेवन से होने वाले किसी विशेष स्वास्थ्य नुकसान या इसमें भारी धातुओं की अधिक मात्रा होने के दावों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक जांच या आधिकारिक रिपोर्ट जरूरी है। विभाग का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित मछली के अवैध कारोबार को रोकना और बाजार में इसकी उपलब्धता पर नियंत्रण करना है। इसके लिए बाजारों में जांच और परिवहन नेटवर्क की पड़ताल जारी है।
मत्स्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में बिलासपुर के शनिचरी बाजार में औचक जांच के दौरान बड़ी मात्रा में थाई मांगुर मछली पकड़ी गई थी। जब्त मछलियों को नियमानुसार नष्ट किया गया। इसके बाद विभाग ने निगरानी और तेज करते हुए सात सदस्यीय विशेष टीम को सक्रिय किया है। टीम लगातार बाजारों में जांच कर रही है और प्रतिबंधित मछली की आवक से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। विभाग को उम्मीद है कि बाजारों के साथ रेलवे मार्ग पर भी निगरानी बढ़ाने से अवैध परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
सहायक मत्स्य अधिकारी योगेश मनवाटकर के अनुसार, कोलकाता से ट्रेनों के जरिए बिलासपुर लाई जा रही प्रतिबंधित मांगुर मछली की रोकथाम के लिए सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। रेलवे प्रशासन से पत्राचार कर पार्सल के माध्यम से होने वाले अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शहर के बाजारों में सघन जांच जारी है। प्रतिबंधित मछली की बिक्री या परिवहन में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मत्स्य विभाग की नजर बाजारों के साथ-साथ मछली की आवक के संभावित रास्तों पर भी है। आने वाले दिनों में रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय और जांच अभियान के जरिए प्रतिबंधित थाई मांगुर के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी।
Updated on:
11 Oct 2026 04:42 pm
Published on:
11 Oct 2026 04:31 pm
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