
Chhattisgarh Congress leaders FIR: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर महिलाओं के सम्मान के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां, फोटो और AI जनित वीडियो पोस्ट करने के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कांग्रेस के दो नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों से तीन दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी गई है।
महिला आयोग के अनुसार, संजय बघेल और सुरेन्द्र वर्मा द्वारा फेसबुक पर महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां, फोटो और वीडियो साझा किए गए। आयोग ने इसे महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के मुताबिक, संजय बघेल भाटापारा शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री एवं पूर्व पार्षद हैं, जबकि सुरेन्द्र वर्मा बिलासपुर के कांग्रेस पदाधिकारी हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर महिलाओं के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने बलौदाबाजार और बिलासपुर के पुलिस अधीक्षकों से सीधे चर्चा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले में यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से आपत्तिजनक फोटो या वीडियो तैयार किए गए हैं तो उनकी भी गहन जांच की जाएगी। आयोग ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने केवल आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों ही नहीं, बल्कि उसे तैयार करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ भी तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस को तीन दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट महिला आयोग को भेजने के लिए कहा गया है।
डॉ. ममता साहू ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के सम्मान और गरिमा के खिलाफ किसी भी प्रकार की अमर्यादित या आपत्तिजनक सामग्री किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।