
Jal Jeevan Mission: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन के मल्टी विलेज प्रोजेक्ट का जमीनी स्तर पर बदहाल स्थिति है। लोगों को न प्यास बुझ रही न ही टंकियां और पाइप लाइन का काम कराने वाले ठेकेदार को भुगतान हो रहा है। हैरानी ये कि गांवों में टंकियां बनने के बाद भी लोगों को पानी का इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। दूसरी तरफ करीब 1100 करोड़ बकाया भुगतान को लेकर कांट्रेक्टरों में आक्रोश है। योजना से जुड़े सैकड़ों ठेकेदारों ने सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले कड़ा विरोध दर्ज करा दिया गया है। उनका कहना है कि मल्टी विलेज योजना के तहत करोड़ों रुपए के कार्यों का भुगतान नहीं होने से कर्ज के बोझ तले दबे हैं और उनका परिवार संकट में है। जल जीवन मिशन ने 1100 करोड़ का भुगतान करने के बजाय परेशानी में डाल दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मल्टी विलेज योजनाओं के जरिए नदी या अन्य जलस्रोत से पानी लाकर, उसे साफ करके गांवों की टंकियों तक पहुंचाना और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति कराना था। जिस पर करोड़ों रुपए के कार्य कराए गए हैं। सवाल उठाया है कि विभाग के जिम्मेदारों की वजह से अभी कई टंकियां तक अधूरी हैं।
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने दिवाली से पहले सड़क पर उतरने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि प्रदेश की 58 मल्टी विलेज योजनाओं से जुड़े ठेकेदारों ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा कराए हैं। इसके बावजूद अगस्त 2025 के बाद से भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने कहा है कि दिवाली से पहले भुगतान नहीं किया गया तो प्रदेशभर के ठेकेदार सड़क पर उतरेंगे।
मल्टी विलेज योजना के उपलब्ध विवरण के अनुसार 569.32 करोड़ भुगतान पिछले एक साल से लंबित है। इसके अतिरिक्त ठेकेदारों से लगभग 500-600 करोड़ के काम करा लिए गए हैं, जिसके बिल अभी रिकॉर्ड में नहीं लिए जा रहे हैं। कुल मिलाकर जल जीवन मिशन में लंबित करीब 1100 से 1200 करोड़ भुगतान बकाया होने से कर्ज में दबे ठेकेदार, कर्मचारियों और श्रमिकों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं।