
Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले सियासत गरमा गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्षों के 21 जून को रायपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में राहुल गांधी शामिल होने वाले हैं। उनके लंबे समय बाद हो रहे छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर प्रदेश के वन मंत्री केदार कश्यप ने विवादास्पद टिप्पणी कर राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपने शीर्ष नेताओं को खुश करने के लिए नए-नए तरीके अपनाती रही है। उन्होंने कहा कि पिछली बार प्रियंका गांधी के दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलाब की पंखुड़ियों से सड़क बनाई थी। इसी संदर्भ में तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकाल में कथित शराब घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही है, इसलिए राहुल गांधी के आगमन पर उनका स्वागत "दारू से चरण धोकर" करना चाहिए।
राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा है। ऐसे में उनके आगमन से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। केदार कश्यप के बयान को कांग्रेस पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है, जबकि इस पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना भी बढ़ गई है।
कोरिया जिले में भाजपा नेता लल्ला सिंह की हत्या और अवैध रेत उत्खनन के मुद्दे पर भी मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय रेत खदानों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं देखने को मिली थीं। कश्यप ने दावा किया कि पूर्ववर्ती शासनकाल में जिन क्षेत्रों में खनन के ठेके दिए गए थे, वहां गहरी खुदाई और बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण देखने को मिलता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ऐसी गतिविधियों पर नियंत्रण करने का प्रयास कर रही है और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
बिजली दरों में वृद्धि को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर भी मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए आंदोलन कर रही है। कश्यप ने दावा किया कि अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में बिजली की दरें अपेक्षाकृत कम हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सूर्यघर योजना जैसी पहल के माध्यम से लोगों को मुफ्त और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके अनुसार आने वाले समय में बिजली संकट की स्थिति भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
कांग्रेस संगठन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल गांधी 21 जून को रायपुर पहुंचेंगे। पार्टी इस कार्यक्रम को संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है। वहीं उनके दौरे से पहले भाजपा नेताओं के बयान प्रदेश की राजनीति का तापमान लगातार बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी के दौरे के साथ-साथ भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, जिससे छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई हलचल देखने को मिलेगी।