
Chhattisgarh Weather Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और मध्य भारत के ऊपर बने कम दबाव (लो-प्रेशर) के क्षेत्र के प्रभाव से राजनांदगांव जिले में पिछले दो दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश ने जहां खरीफ फसलों को नई ऊर्जा दी है, वहीं शहर की निचली बस्तियों में जलभराव से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। शिवनाथ नदी सहित अन्य नदी-नाले उफान पर हैं और बांधों में भी तेजी से जलभराव हो रहा है। प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने अपील जारी की है।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक जिले में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। 29 से 31 जुलाई तक रुक-रुक कर तेज बारिश और 1 से 4 अगस्त तक हल्की से मध्यम वर्षा का दौर जारी रहने के आसार हैं। इस बीच लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है।
लगातार बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर, तहसील कार्यालय, पुराने एसपी कार्यालय, बसंतपुर, चिखली सहित शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। जल निकासी व्यवस्था कमजोर होने से कई कॉलोनियों और निचले इलाकों में लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ा। कुछ पॉश कॉलोनियां भी जलभराव से अछूती नहीं रहीं। मोहारा बाइपास पर तेज बारिश और हवा के दौरान एक बिजली पोल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे केबल जल गए। हालांकि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन कुछ समय के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में 1 जून से अब तक कुल 3096.2 मिमी तथा औसत 196.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक 566.4 मिमी बारिश राजनांदगांव तहसील में हुई, जबकि बीते 24 घंटों में सर्वाधिक 48.4 मिमी वर्षा डोंगरगांव तहसील में दर्ज की गई।
प्रदेश में बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंदों तक तुरंत राहत और बचाव सामग्री पहुंचाई जाए। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि बरसात के मौसम में उफनते नदी-नालों के पास न जाएं और सावधानी बरतें।