रायपुर

Lok sabha election 2024: लोकसभा चुनाव की तैयारियां हुई तेज, जीत हासिल करने कांग्रेस इन बड़ों मुद्दों पर बना रही रणनीति…देखिए

Lok Sabha Chunav 2024: आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस-भाजपा दोनों ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी। हालांकि इस रेस में सभी लोकसभा प्रत्याशियों की घोषणा कर भाजपा आगे निकल गई है।
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Updated: 15 Mar 2024, 3:43 PM IST
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रायपुर पत्रिका @ राहुल जैन। Lok Sabha Election 2024: आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस-भाजपा दोनों ने अपनी सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी। हालांकि इस रेस में सभी लोकसभा प्रत्याशियों की घोषणा कर भाजपा आगे निकल गई है। कांग्रेस में अभी भी 5 लोकसभा सीटों में उम्मीदवारों की घोषणा होनी बाकी है। इन सबके बीच दोनों राजनीतिक दलों ने अपनी जीत की आधारशिला रखने के लिए अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। नई रणनीति के तहत कांग्रेस लोकसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों को भी हवा देने का काम कर रही है। वहीं भाजपा केंद्र व राज्य सरकार के कामों को लेकर जनता के बीच जा रही है।

प्रदेश में ऐसे कुछ स्थानीय मुद्दे हैं, जिन्हें कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी। इसमें सबसे प्रमुख मुद्दा ट्रेनों की लेटलतीफी और सुविधाओं की कमी का मुद्दा है। इसे लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है। कांग्रेस सरकार के समय इसे लेकर बड़ा आंदोलन भी किया गया था। अभी भी ट्रेनों के रद्द होने और लेटलतीफी का मुद्दा कायम है। इसके अलावा हसदेव अरण्य के मुद्दे को लेकर भी कांग्रेस जनता के बीच जाने का मन बना रही है। हालांकि इस मुद्दे पर राजनीति ज्यादा हावी है। भाजपा का आरोप है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय कोल ब्लॉक को मंजूरी दी गई है। वहीं कांग्रेस वहां के जन आंदोलन में जनता के साथ खड़ी है।

बेरोजगारी और महंगाई पर ज्यादा फोकस

कांग्रेस ने चुनावी रणनीति के तहत बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर ज्यादा फोकस कर रही है। इसके लिए युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस की पूरी टीम को लगाया गया है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पिछले दिनों सीएम हाउस के घेराव का प्रयास किया था। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर बेरोजगारी को लेकर युवाओं से फार्म भी भरवाए गए थे। इसके जवाब में भाजपा प्रदेशभर में लाभार्थी सम्मेलन कर रही है। इसके तहत 40 लाख लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

वादा-खिलाफी भी होगा बड़ा मुद्दा

कांग्रेस केंद्र और राज्य सरकार की वादा-खिलाफी को बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है। दरअसल, प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बेरोजगारी भत्ता को बंद कर दिया गया है। इससे युवाओं में नाराजगी है। कांग्रेस इसे भुनाने के प्रयास में लगी है। वहीं पूर्ववर्ती सरकार किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की थी। इसकी तीन किस्त का भुगतान हो गया था। चौथी किस्त का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। इसके अलावा महतारी वंदन योजना में भी नियम शर्तों की वजह से सभी महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने का वादा किया था। यह वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसे लेकर भी कांग्रेस लोकसभा चुनाव में जनता के बीच जाएगी।

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15 Mar 2024, 3:43 PM IST
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