
LPG Gas Connection: यदि गैस कनेक्शनधारी केवाईसी नहीं करवाते हैं तो वो सब्सिडी के लाभ पाने से वंचित हो सकते हैं, या फिर कनेक्शन भी बंद हो सकता हैं। गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को 31 मार्च तक ई-केवायसी कराने को कहा जा रहा है। जिले में विधानसभा चुनाव से पहले से ई-केवाईसी शुरू हुई थी। शुरुआत में लोगों ने इसे गंभीरता से लेते हुए लाइन में लगकर केवाईसी कराई।
इसके बाद भी जिले के 7 लाख गैस कनेक्शन में 2 लाख 88 हजार केवाईसी हो सकी है। पेट्रोलियम कंपनियों ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे 31 मई तक हर हाल में केवाईसी करा लें, नहीं तो आने वाले महीने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों में जाकर सत्यापन कराना होगा। पहले इसे कराने के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं थी।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने तकरीबन 8 माह पहले आदेश जारी कर कहा था। पहले पहले चरण में उज्ज्वला गैस कनेक्शनधारियों का सत्यापन किया गया। इसके बाद सामान्य उपभोक्ताओं की केवाईसी की जा रही है। जिनके नाम पर कनेक्शन हैं उनसे गैस एजेंसी में सत्यापन के लिए आधार कार्ड मंगवाया जा रहा है। गैस एजेंसियों को ई-केवाईसी करने के लिए मशीन भी दी गई है। इसमें उन लोगों को अंगूठे का निशान लगाना है, जिनके नाम से गैस कार्ड है। जो लोग ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उन्हें सस्ता सिलेंडर या सिलेंडर की सब्सिडी नहीं मिलेगी।
उज्ज्वला के 58% उपभोक्ताओं ने ही ई-केवाईसी कराई है। खाद्य विभाग के अनुसार, जिले में तकरीबन 2 लाख 50 हजार सामान्य तो 5 लाख 65 हजार उज्ज्वला कनेक्शनधारी हैं। केवाईसी नहीं कराने वालों के पास इसी महीने का समय है। इसके बाद सिलेंडर लेने व बुकिंग कराने में परेशानी होगी। शहर में करीब 38 एजेंसियां संचालित होती हैं। शहर की िस्थति गांव के मुकाबले बेहतर है। ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर उज्ज्वला कनेक्शन दिया है। इसमें केवल 60 प्रतिशत लोग ही रिफिलिंग कराते हैं।
यदि ग्राहक किसी कारणवश एजेंसी पर नहीं जा सकते हैं, तो एंड्रॉयड के ऐप स्टोर से एचपी पे ऐप को डाउनलोड कर गैस एजेंसी पर पंजीकृत मोबाइल नंबर ऐप में लॉगिन करें। एलपीजी सलेक्ट करें और ई-केवाईसी पर क्लिक करें। स्क्रीन पर दिए जा रहे निर्देश का अनुपालन करें। एजेंसियों में भी सिर्फ एक मिनट में ई-केवाईसी हो जा रही है। गैस एजेंसियां सभी ग्राहकों को ई-केवाईसी करा रही है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार सभी कनेक्शनों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है।