
Mahadev Betting App Case: छत्तीसगढ़ में महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े अवैध सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई इस कार्रवाई के बाद विशेष न्यायालय (PMLA), रायपुर ने उन्हें 24 जुलाई तक ED की हिरासत में भेज दिया है।
विकास गर्ग को 14 जुलाई को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया और 15 जुलाई को विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 दिनों की ED रिमांड मंजूर की।
ED ने अपनी जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग समेत आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की है। इन मामलों में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी आधारित "पैनल सिस्टम" के जरिए संचालित होता था और इससे हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध आय अर्जित की जा रही थी।
ED की प्रारंभिक जांच में महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज के जरिए प्राप्त धन को कई स्तरों पर मनी लॉन्ड्रिंग करने के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि फर्जी कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए इस धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच के दायरे में दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित संस्थाएं भी शामिल हैं। ED यह पता लगाने में जुटी है कि विदेशी निवेश के नाम पर भारत में कितनी राशि लाई गई और उसका इस्तेमाल किन कंपनियों में किया गया।
इस मामले में ED ने 5 जून को एक अंतरिम कुर्की आदेश जारी करते हुए विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी संस्थाओं की संपत्तियां जब्त की थीं। इन संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 940.77 करोड़ रुपये बताया गया है। जब्त संपत्तियों में आवासीय भवन, जमीन, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां शामिल हैं।
एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विकास गर्ग ने अपने खिलाफ चल रही कार्रवाई के बावजूद कथित अपराध की आय को छिपाने और स्थानांतरित करने का प्रयास जारी रखा। अब ED की पूछताछ से इस हाई-प्रोफाइल सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य नामों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।