
Mahamaya Temple Live Darshan: आस्था का स्वरूप अब हाईटेक हो चला है। अब सात समंदर पार बैठा भक्त भी मां के दरबार से खुद को दूर महसूस नहीं करेगा। रायपुर के देवी मंदिरों ने तकनीक का सहारा लेकर भक्ति को सीमाओं से परे कर दिया है। पुरानी बस्ती स्थित 1400 साल पुराने मां महामाया मंदिर में इस बार एनआरआई और दूरदराज के श्रद्धालुओं के लिए क्यूआर कोड और वेबसाइट के जरिए लाइव दर्शन, आरती और मनोकामना ज्योति देखने की विशेष सुविधा शुरू की गई है।
महामाया मंदिर की महिमा ऐसी है कि नवरात्रि शुरू होने के दो महीने पहले से ही श्रद्धालु अपनी मनोकामना ज्योति कलश का पंजीयन कराने लगते हैं। नवरात्र के दौरान रोजाना 10 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। इस बार भी माता का प्रांगण 10 हजार से ज्यादा मनोकामना ज्योत से जगमग होगा। मंदिर ट्रस्ट कमेटी ने आधुनिक तकनीक अपनाते हुए आधिकारिक वेबसाइट mahamayaraipur.in तैयार की है। इसे क्यूआर कोड से लिंक किया गया है, जिसे स्कैन करते ही श्रद्धालु सीधे लाइव आरती और गर्भगृह के दर्शन पा सकेंगे।
रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध रावांभाठा बंजारी माता मंदिर में भी आस्था का ऐसा ही सैलाब देखने को मिल रहा है। मंदिर समिति के एनआर यादव ने बताया कि यहां भी 10 हजार मनोकामना ज्योत का पंजीयन किया जा रहा है। इनमें ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में बसे श्रद्धालुओं के कलश भी शामिल हैं। कोरोना काल में फेसबुक लाइव के जरिए आरती दर्शन की शुरुआत हुई थी। समिति अब अगले वर्ष से महामाया मंदिर की तर्ज पर क्यूआर कोड आधारित लाइव दर्शन व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।
शारदीय नवरात्र को लेकर राजधानी के प्राचीन देवी मंदिरों में देर रात तक ज्योत पंजीयन का काम चल रहा है। मंदिरों की भव्य सजावट, आकर्षक झांकियों के निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए समितियां 24 घंटे जुटी हुई हैं, ताकि स्थानीय भक्तों से लेकर विदेश में बैठे श्रद्धालुओं तक हर किसी का नवरात्रि उत्सव दिव्य और सुगम बन सके।
पं. विजय झा, संस्थापक ट्रस्ट कमेटी के मुताबिक, अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस और लंदन (यूके) जैसे देशों में रहने वाले भारतीय भक्त ऑनलाइन 700 रुपए का शुल्क भेजकर ज्योति प्रज्ज्वलित करवा रहे हैं। इस वर्ष विदेश से 25 से 30 ज्योति कलश जलेंगे, जिन्हें भक्त क्यूआर कोड के माध्यम से अपने मोबाइल स्क्रीन पर लाइव देख सकेंगे।