
बाजार में 1000 करोड़ का बूम (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh Bonus News: दीपावली और नवरात्र से ठीक पहले प्रदेश के बाजार में इस सप्ताह बड़ी आर्थिक क्रांति देखने को मिलने वाली है। प्रदेश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बड़े उपक्रमों भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी), एसईसीएल समेत अन्य कोयला कंपनियों, जिंदल, अदानी पावर हाउस और विभिन्न स्टील व पावर प्लांटों से अधिकारियों और कर्मचारियों के खातों में बोनस, एक्स-ग्रेसिया व पीएलआर की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर होने जा रही है।
इस बंपर लिक्विडिटी से सीधे प्रदेश भर के बाजारों में धनवर्षा होगी, जिससे त्योहारी सीजन में कारोबार अभूतपूर्व बूम पर पहुंचने का अनुमान है। अकेले भिलाई-दुर्ग, कोरबा और रायगढ़-बिलासपुर के प्रमुख बाजारों में 1000 करोड़ रुपए से अधिक के बड़े निवेश और व्यापार की ठोस उम्मीद जग गई है।
भिलाई स्टील प्लांट के लगभग 10 हजार नियमित कर्मियों और नंदिनी व राजहरा माइंस के कर्मचारियों के खातों में एक्स-ग्रेसिया की राशि इस सप्ताह पहुंच जाएगी, जिससे करीब 32 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसके साथ ही बीएसपी के 27 हजार ठेका श्रमिकों के खातों में औसतन 10 हजार रुपए के हिसाब से 27 करोड़ रुपए आएंगे।
भिलाई-दुर्ग के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत करीब 50 हजार से अधिक मजदूरों को 10 से 15 हजार रुपए तक बोनस मिलेगा, जिससे बाजार में 50 करोड़ रुपए और जुड़ेंगे। रेलवे और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों की बोनस राशि मिलकर केवल दुर्ग-भिलाई संभाग में 300 करोड़ से अधिक का कारोबार दर्ज कर सकती है।
कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी एसईसीएल (दक्षिण पूर्व कोयला क्षेत्र) के अधीन छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की खदानों में कार्यरत 1.93 लाख कोयला कर्मियों के बोनस पर प्रबंधन व यूनियनों में सहमति बन गई है। इस बार प्रति कर्मचारी 110250 रुपए परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर) दिया जाएगा, जो पिछले साल से 7250 रुपए अधिक है। यह राशि पंचमी (15 अक्टूबर) को खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे कोरबा, बिलासपुर और रायगढ़ के कोल-बेल्ट क्षेत्रों में जमकर खरीदारी होगी।
रायगढ़, रायपुर और बिलासपुर बेल्ट में कार्यरत निजी क्षेत्र के दिग्गज उपक्रमों जिंदल स्टील एंड पावर, अदानी पावर हाउस, बाल्को और विभिन्न इंडक्शन फर्नेस व रोलिंग मिलों द्वारा भी कर्मचारियों और श्रमिकों को दीपावली बोनस वितरित किया जा रहा है। निजी क्षेत्रों के हजारों कर्मियों के हाथों में रकम आने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलेगी।
उद्योगों से आने वाली इस भारी-भरकम राशि का सीधा लाभ ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, ऑटोमोबाइल (कार, टू-व्हीलर, ई-व्हीकल), कपड़ा और रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा ग्राहकों की संभावित भीड़ को देखते हुए व्यापारियों ने पहले से ही नए मॉडल, प्रीमियम ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक आइटम का पर्याप्त स्टॉक रख लिया है। दुकानदारों का कहना है कि बोनस की राशि सीधे मध्यम वर्ग के हाथ में आती है, जो त्योहारी सीजन में खरीदारी का सबसे बड़ा आधार बनता है। इस बार व्यापार पिछले कई वर्षों के रेकॉर्ड तोड़ सकता है।
त्योहारी सीजन में मिलने वाली बोनस राशि का बड़ा हिस्सा केवल किराना या कपड़ों की तत्कालिक खरीदारी तक सीमित नहीं रहता। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मध्यम वर्ग बोनस की 30 से 40 फीसदी राशि का उपयोग एफडी, म्यूचुअल फंड (एसआईपी), गोल्ड बॉन्ड और रियल एस्टेट में टोकन मनी देने जैसे दीर्घकालिक निवेश में करेगा। वहीं, एक बड़ा तबका इस एकमुश्त राशि से अपने गृह ऋण (होम लोन), वाहन कर्ज या व्यक्तिगत ऋण की प्री-पेमेंट कर ब्याज का बोझ हल्का करने की योजना बना रहा है। यही वजह है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने भी विशेष फेस्टिव डिपॉजिट और लोन ऑफर की तैयारी कर रखी है।
प्रदेश में नवरात्रि से लेकर छठ पूजा तक 3000 करोड़ से अधिक के कारोबार का अनुमान है। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स और कैट के अनुसार हर सेक्टर में 22% ग्रोथ संभव है। ऑटो, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल में भारी डिमांड से बाजार गुलजार है।
Updated on:
07 Oct 2026 08:06 am
Published on:
07 Oct 2026 08:06 am
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