
Wrong Electricity Bill: राजधानी में बिजली विभाग की एक छोटी सी तकनीकी लापरवाही ने हजारों उपभोक्ताओं के होश उड़ा दिए। मई महीने में जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल औसतन तीन हजार रुपए आया था, उन्हें जून महीने के लिए अचानक तीन लाख रुपये से अधिक का बिल थमा दिया गया। मोबाइल पर लाखों रुपए के बिल का एसएमएस मिलते ही उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया और वे बड़ी संख्या में शिकायत लेकर बिजली कंपनी के दफ्तरों में पहुंचने लगे।
जानकारी के अनुसार, बिल जनरेशन सिस्टम में एक तकनीकी त्रुटि के कारण सॉफ्टवेयर रीडिंग में दशमलव लगाना भूल गया। इस मामूली सी चूक की वजह से तीन या चार अंकों में आने वाला बिजली बिल सीधे छह अंकों में तब्दील हो गया। इस तकनीकी गड़बड़ी से गुढ़ियारी, भाठागांव, आमानाका, संतोषी नगर, शंकर नगर, रायपुरा और सुंदर नगर सहित शहर की कई प्रमुख कॉलोनियों के उपभोक्ता प्रभावित हुए। परेशान लोगों ने सोशल मीडिया पर भी अपने भारी-भरकम बिलों के स्क्रीनशॉट साझा कर विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे बिलिंग सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी त्रुटि बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतें मिलते ही प्रभावित उपभोक्ताओं के बिलों का तुरंत सत्यापन किया गया। गलत बिलों को संशोधित कर सही राशि के साथ उपभोक्ताओं को दोबारा एसएमएस भेजे जा चुके हैं, और बचे हुए लोगों को भेजे जा रहे हैं। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि अब भी किसी को असामान्य राशि का बिल मिलता है, तो वे तुरंत संबंधित बिजली दफ्तर में इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे बिलिंग सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी बताया है। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतें मिलते ही प्रभावित उपभोक्ताओं के बिलों का सत्यापन शुरू किया गया और त्रुटि को सुधार दिया गया है।
कंपनी का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं को गलत बिल भेजे गए थे, उनके संशोधित बिल तैयार कर सही राशि के साथ दोबारा एसएमएस भेजे जा चुके हैं। शेष उपभोक्ताओं को भी संशोधित बिल भेजने की प्रक्रिया जारी है।
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि किसी को अब भी असामान्य या अत्यधिक राशि का बिजली बिल प्राप्त होता है, तो वह घबराने की बजाय तत्काल अपने संबंधित बिजली वितरण कार्यालय में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि सत्यापन के बाद सभी गलत बिलों में आवश्यक सुधार कर सही बिल जारी किए जाएंगे।