
रायपुर@राहुल जैन। Marriage Registration Certificate: गांवों में विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र के लिए लोगों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र को लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के दायरे में शामिल करते हुए इसे जारी करने की समय-सीमा तय कर दी है। अब संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव को आवेदन मिलने के बाद 15 कार्यदिवस के भीतर यह सेवा देनी होगी। इससे ग्रामीणों को समयबद्ध सेवा मिलने के साथ सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और आवेदन के निराकरण में होने वाली देरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र के लिए 15 कार्यदिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सेवा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत के सचिव को जिम्मेदार पदाभिहित अधिकारी बनाया गया है। वहीं, सक्षम अधिकारी के रूप में अनुविभागीय अधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी के रूप में कलेक्टर को नामित किया गया है। इस व्यवस्था का महत्व इसलिए भी है कि विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र अब केवल पंचायत स्तर की एक सामान्य सेवा नहीं रहेगी, बल्कि इसके लिए अधिसूचित समय-सीमा और जिम्मेदार अधिकारियों की व्यवस्था लागू होगी।
विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र कई तरह के सरकारी और कानूनी कामों में उपयोगी दस्तावेज होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इसके लिए बार-बार पंचायत या अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ें, तो समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं। निर्धारित समय-सीमा से आवेदन के निराकरण में निश्चितता बढ़ सकती है। इससे उन परिवारों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें विवाह से संबंधित दस्तावेज की जरूरत किसी सरकारी प्रक्रिया, पारिवारिक रेकॉर्ड या अन्य आवश्यक कार्य के लिए होती है।