Medical News: प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में स्ट्रे वेकेंसी राउंड के लिए एमडी-एमएस की 105 खाली सीटों में केवल 31 का आवंटन किया है।
Medical News: प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में स्ट्रे वेकेंसी राउंड के लिए एमडी-एमएस की 105 खाली सीटों में केवल 31 का आवंटन किया है। इन सभी छात्रों को हर हाल में एडमिशन लेना होगा। ऐसा नहीं करने पर वे इस साल होने वाली नीट पीजी के लिए अपात्र हो जाएंगे। यही नहीं, अगले साल होने वाली काउंसिलिंग से भी बाहर हो जाएंगे। सभी के प्रवेश लेने के बाद भी 74 सीटें खाली रह जाएंगी। इन सीटों को भरने के लिए स्ट्रे वेकेंसी राउंड-2 की आवंटन सूची जारी की जाएगी। इस साल पीजी कोर्स में एडमिशन की आखिरी तारीख 28 फरवरी है।
स्ट्रे वेकेंसी राउंड एक में किसी भी छात्र ने मेडिकल के फाउंडेशन कोर्स एनाटॉमी, फिजियोलॉजी व बायो केमेस्ट्री की सीट पसंद नहीं की है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये सीटें खाली रह सकती हैं और 28 फरवरी के बाद लैप्स हो जाएंगी। खाली सीटें सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज दोनों में हैं। राउंड एक के छात्रों को 26 फरवरी तक एडमिशन लेना होगा। इसके बाद राउंड दो के लिए 27 व 28 फरवरी केवल दो दिन बचेंगे।
पीजी कोर्स एनाटॉमी, फिजियोलॉजी व बायो केमेस्ट्री जैसे फाउंडेशन सब्जेक्ट से छात्र दूर हो रहे हैं। 105 में 68 सीटें नॉन क्लीनिकल की हैं। इनमें फोरेंसिक मेडिसिन, फार्माकोलॉजी व माइक्रो बायोलॉजी जैसे विषय भी शामिल हैं। आवंटन सूची के अनुसार इसमें फोरेंसिक मेडिसिन का ही आवंटन किया है। बाकी विषयों के लिए छात्रों ने कोई रुचि नहीं दिखाई।
खाली सीटों में एनाटॉमी की 14, फिजियोलॉजी की 9, बायो केमेस्ट्री 13, फोरेंसिक मेडिसिन 7, फार्माकोलॉजी 11, माइक्रो बायोलॉजी 10 व पैथोलॉजी की 4 समेत 68 सीटें खाली थीं। ये कुल खाली सीटों की 65.38 फीसदी है। यही नहीं निजी मेडिकल कॉलेजों में रेडियो डायग्नोसिस, डर्मेटोलॉजी, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक व ऑर्थोपीडिक्स की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर आवंटन किया गया है। एनआरआई कोटे की सीटें नहीं भरने पर मैनेजमेंट कोटे में कन्वर्ट की गई हैं। मैनेजमेंट कोटे को स्टेट ओपन कोटा नाम दिया गया है।