Chhattisgarh E-Bus Project: छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर और रायपुर में करोड़ों रुपए की विकास परियोजनाओं पर चर्चा की। नए शासकीय भवन, 43 आधुनिक ई-बसें और 150 MLD क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनने से राजधानी क्षेत्र की तस्वीर बदलने की तैयारी है।
Chhattisgarh Infrastructure News: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शहरी अधोसंरचना और विकास कार्यों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में नवा रायपुर और रायपुर शहर से जुड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिन पर आने वाले समय में करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। इन योजनाओं के जरिए राजधानी क्षेत्र की प्रशासनिक, परिवहन और पेयजल सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा।
बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में नए शासकीय भवनों और कार्यालयों के निर्माण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। करीब 302 करोड़ 67 लाख रुपए की लागत से विभिन्न प्रशासनिक भवन तैयार किए जाएंगे। इसके तहत महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 131 करोड़ 17 लाख रुपए रखी गई है।
इसके अलावा नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण भी किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 171 करोड़ 50 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों ने बताया कि इन भवनों के निर्माण से विभिन्न विभागों को बेहतर कार्यस्थल उपलब्ध होंगे और प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी।
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 43 नई ई-बसें संचालित करने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 223 करोड़ 4 लाख रुपए होगी। इन बसों में 40 अत्याधुनिक बैटरी संचालित ई-बसें और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी।
परियोजना में बसों की डिजाइनिंग, सप्लाई, संचालन और रखरखाव भी शामिल रहेगा। ये बसें नवा रायपुर और रायपुर के विभिन्न रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे आम नागरिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि ई-बसों के संचालन से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा और यातायात व्यवस्था अधिक आधुनिक बनेगी।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी क्षमता वाले अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 186 करोड़ 14 लाख रुपए बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, नए प्लांट के निर्माण से रायपुर शहर में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी और बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। बैठक में परियोजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तुत परियोजनाओं को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक भवनों, ई-बस सेवा और आधुनिक जल शोधन संयंत्र जैसी योजनाओं के पूरा होने से नवा रायपुर और रायपुर शहर में बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी। साथ ही लोगों को बेहतर यातायात, आधुनिक कार्यालय और गुणवत्तापूर्ण पेयजल सुविधा मिल सकेगी। सरकार इन परियोजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने की दिशा में काम कर रही है।