रायपुर

4 KM तक गिरा माइलेज! रायपुर में E-20 पेट्रोल को लेकर वाहन मालिकों की बढ़ी शिकायतें, मैकेनिकों ने बताई वजह

E20 Petrol Mileage Drop: रायपुर में E-20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों की शिकायतें बढ़ रही हैं। कई लोग माइलेज कम होने, इंजन पर असर और फ्यूल सिस्टम की समस्याओं का दावा कर रहे हैं। जानिए मैकेनिक, कंपनियों और विशेषज्ञों की राय।
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Jul 11, 2026
E20 Petrol Effect
E-20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों की शिकायतें (photo source- Patrika)

E20 Petrol Effect: 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित (ई-20) पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों की शिकायतें बढऩे लगी हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित ऑटो वर्कशॉप और कंपनी से गैर-अधिकृत सर्विस सेंटरों पर ऐसे वाहन पहुंच रहे हैं, जिनके मालिक माइलेज में 4 से 5 किलोमीटर प्रति लीटर तक की कमी, इंजन की परफॉर्मेंस घटने और फ्यूल टैंक में पानी जमा होने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं।

Ethanol Blending India: मैकेनिकों ने बताई असली वजह

मैकेनिकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में ऐसे मामलों की संख्या सामान्य से अधिक बढ़ी है। हालांकि अधिकृत ऑटोमोबाइल कंपनियों के शोरूम और सर्विस सेंटरों का दावा है कि उनके यहां ई-20 पेट्रोल से जुड़ी कोई असामान्य शिकायत दर्ज नहीं हो रही है। दूसरी ओर, मेकैनिकल इंजीनियङ्क्षरग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल की मात्रा बढऩे से पुराने वाहनों के इंजन, फ्यूल सिस्टम और माइलेज पर असर पड़ सकता है।

ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ने क्या कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के मुताबिक 2023 के पहले की गाडिय़ों के लिए इस ईंधन से परेशानी हो सकती है। गाडिय़ों में एथेनॉल कैम्पटिबल फ्यूल पाइप और रबर ङ्क्षरग्स की मदद ली जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर डिस्प्ले, पेट्रोल पंपों पर नहीं

राजधानी के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल में मिलाए जा रहे एथेनॉल की मात्रा को लेकर उपभोक्ताओं को स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। जबकि सोशल मीडिया पर एथेनॉल को लेकर कई मैसेज वायरल हो रहे हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि एथेनॉल की वजह से फ्यूल टैंक में पानी और नमी की समस्या बढ़ सकती है। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। पेट्रोलियम कंपनियों और पंप संचालकों की ओर से जागरुकता डिस्प्ले नहीं लगाए जाने से सवाल उठ रहे हैं। प्रदेशभर में 2600 से अधिक व राजधानी में 250 से अधिक पेट्रोल-पंप हैं।

Fuel System Problem: शिकायत मिली थी

पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनाल कंपनियों से ही मिलकर आ रहा है। बीते दिनों एक फ्यूल स्टेशन में पानी की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच में पाया गया कि यह लीकेज की वजह से हुआ था, जिसे बाद में ठीक कर लिया गया -अखिल धगट, अध्यक्ष, रायपुर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन

7-8 मामले रोज

हमारे पास सबसे ज्यादा केस माइलेज कम होने व फ्यूल टैंक में पानी आने की आ रही है। आम तौर पर बारिश के दिनों में टंकी में लीकेज की वजह से पानी आ सकता है, लेकिन अभी यह समस्या औसत से अधिक है। रोजाना 7-8 मामले ऐसे आ रहे हैं- राकेश देवांगन, संचालक, ऑटोमोबाइल्स पाट्र्स एंड सर्विसिंग सेंटर, चंगोराभाठा

कोई विशेष समस्या नहीं

ई-20 से वाहनों के परफार्मेंस में हमारे शो-रूम में कोई विशेष समस्या नहीं देखी जा रही है। कई बार माइलेज सडक़, ट्रैफिक, वाहनों की स्थिति और चलाने के तरीके पर भी निर्भर करती है। गाडिय़ों की नियमित सर्विसिंग और मेंटेनेंस भी जरूरी है- चेतन साहू, मेकेनिक, सिटी होंडा ऑटोमोबाइल्स शो-रूम

Chhattisgarh Auto News: असर नहीं हो पाएगा

नई तकनीक से लैस गाडिय़ों के इंजन में एथेनॉल का असर नहीं हो पाएगा। वर्तमान में ई-20 अप्रूव्ड वाहन बाजार में आ चुके हैं। पुरानी गाडिय़ों में मेंटेनेंस से स्थिति बेहतर हो सकती है-कैलाश खेमानी, उपाध्यक्ष,
रायपुर ऑटोमोबाइल्स डीलर्स एसोसिएशन (राडा)

पत्रिका नॉलेज: फ्यूल सबसे महंगा होता है

विशेषज्ञों के मुताबिक फ्यूल स्टेशनों में मिलने वाले प्रोडक्ट में नार्मल पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित है। बीपीसीएल के स्पीड, एचपीसीएल के पॉवर और आईओसीएल के एक्सपी पेट्रोल में भी 20 प्रतिशत एथेनॉल है। पॉवर-एक्सपी-100 जो कि 100 ऑक्टेन पेट्रोल है। इसमें ऑक्टेन बढ़ाने के लिए एथेनॉल के बजाय अन्य ऑक्सीजनेट (जैसे एटीबीई) का उपयोग किया जाता है और इसमें एथेनॉल नगण्य या शून्य होता है। यह फ्यूल सबसे महंगा होता है।

Updated on:
11 Jul 2026 06:45 am
Published on:
11 Jul 2026 06:45 am