
MP Brijmohan Agrawal: सुशासन तिहार अभियान के तहत आयोजित समाधान शिविर में एक बार फिर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कड़े शब्दों में अफसरों को काम करने की हिदायत दी। दरअसल हरिहर हाई स्कूल मैदान में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय खास बन गया जब सांसद बृजमोहन अग्रवाल ( Brijmohan Agrawal) ने स्वयं विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान शिक्षण संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया और स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इधर सांसद का जनता के हित में आदेश को लेकर लोगों ने जमकर सराहना की। वहीं ताली बाजाकर सांसद का सम्मान किया। शिविर के दौरान सांसद Brijmohan Agrawal ने नवापारा नगर के लिए विकास कार्यों की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। नगर पालिका के नए भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपए।
इसके अलावा महावीर बजरंग अखाड़ा के लिए 5 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की गई। (Brijmohan Agrawal) वहीं कन्या शाला में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए सात दिनों के भीतर नया बोर और पंप स्थापित करने के निर्देश दिए गए। सांसद ने शिविर में पहुंचे नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। पेयजल, सड़क, बिजली, राजस्व और पेंशन संबंधी शिकायतों पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
विधायक इंद्र कुमार साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में क्षेत्र को और भी विकास कार्यों की सौगात मिलेगी। नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू ने नगर की पेयजल एवं जल निकासी समस्याओं के लिए पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वर्तमान सरकार नगर विकास को नई गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि नवीन नगर पालिका भवन बनने से नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।