
Nakti Bulldozer Action: छत्तीसगढ़ के नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई मामले ने एक बार फिर राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवार गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर पीड़ितों को न्याय और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, राज्यपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को दिए ज्ञापन में कहा कि नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद कई परिवार गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, प्रभावित लोगों के सामने आवास, आजीविका और दैनिक जरूरतों से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को आवश्यक निर्देश दें, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद वे इस मामले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि राज्यपाल के इस आश्वासन से प्रभावित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पार्टी नेताओं ने विश्वास जताया कि मामले में जल्द कोई सकारात्मक पहल हो सकती है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रशासन को ऐसे परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और आवश्यक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्रवाई के दौरान मानवीय पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
गौरतलब है कि इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नकटी गांव से राजभवन तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली थी। यह पदयात्रा वीआईपी चौक होते हुए लोकभवन पहुंची थी। हालांकि उस दिन राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो पाई थी, जिसके बाद कांग्रेस ने मिलने के लिए समय मांगा था।
पार्टी ने चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिनों के भीतर मुलाकात का समय नहीं मिलता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार उठाने की बात कह रही है।