रायपुर

रायपुर कलेक्ट्रेट के बाहर डटे नकटी के ग्रामीण, घर की मांग को लेकर कांग्रेस के साथ किया प्रदर्शन

Raipur Collectorate Sit-in Protest: रायपुर में नकटी गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आशियाना उजड़ने के बाद ग्रामीणों ने पुराने स्थान पर घर बनाने की मांग उठाई।
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Jul 02, 2026
Nakti Village Dispute
कलेक्ट्रेट कैंपस के बाहर धरना-प्रदर्शन (photo source- Patrika)

Nakti Village: नकटी गांव में प्रशासन की कार्यवाही में आशियाना उजडऩे के बाद बुधवार को ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट परिसर डेरा जमा लिया। नकटी की आंच रायपुर तक पहुंच चुकी है। बुधवार दोपहर 1.30 बजे सरपंच बिहारी यादव के नेतृत्व में चार गाडिय़ों में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उन्हें बाहर रोक दिया गया। इससे वे आक्रोशित हो गए और गेट के बाहर ही धरना दे दिया। इस धरने में कांग्रेसियों ने भी साथ दिया। रात को कलेक्ट्रेट गेट के बाहर ही ग्रामीणों ने भोजन किया।

यहीं पर पंगत सजी। सरपंच बिहारी यादव ने बताया कि हमारी मांग है कि जिस स्थान पर हमारा घर था, वहीं हमें घर बनाकर दिया जाए। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से एक दिन का समय मांगा है। सरपंच ने बताया कि कांग्रेसियों ने खाने का इंतजाम किया और हम सभी ने सडक़ पर बैठकर खाना खाया।

Raipur Protest: अधिकारी-कर्मचारी दूसरे गेट से निकले

चूंकि मेन गेट के बाहर ग्रामीण धरना दे रहे थे। छुट्टी के समय कलेक्ट्रेट परिसर से अधिकारी-कर्मचारी बाहर निकल नहीं पा रहे थे। इसलिए दूसरे रास्ते की ग्रिल तोड़ दी गई। सोमवार को प्रशासन ने नकटी में दिनभर बुलडोजर चलाया और ग्रामीणों के घरों को गिरा दिया। सभी को नवा रायपुर स्थित सेक्टर-30 में फ्लैट दिए गए हैं, लेकिन ग्रामीणों को यह मंजूर नहीं था। सभी ने बैठक की और बुधवार को कलेक्ट्रेट घेराव की योजना बनाई।

जहां घर टूटा, वहीं पर मकान के लिए अड़े: ग्रामीणों के मुताबिक जहां पर घर तोड़े गए हैं, वहीं पर मकान देने के लिए ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की रणनीति बना ली है। 24 घंटे बीतने के बाद ग्रामीणों का दल एक बार राजधानी पहुंचेगा। विपक्ष ने भी इस आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई है।

338 वर्गफीट के फ्लैट में 65 परिवारों का होगा पुनर्वास: हाउसिंग बोर्ड

नकटी की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच शासन-प्रशासन ने अतिक्रमण प्रभावित 65 परिवारों को सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावित परिवारों को बिजली, पेयजल, सड़क, सीवर, सामुदायिक भवन, उद्यान और अन्य शहरी सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आठ सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है।

ग्राम नकटी की शासकीय भूमि पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा लगभग 38 एकड़ भूमि में से करीब 12 एकड़ भूमि विशेष योजना के लिए उपयोग होगी, जबकि शेष 26 एकड़ भूमि पर मंडल की स्ववित्तीय सामान्य आवास योजना विकसित की जाएगी। भूमि पर अवैध रूप से निवासरत परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने 65 पात्र परिवारों की सूची गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को सौंपी है। इस सूची में शामिल परिवारों को 29 जून को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-30 में निर्मित रिक्त ईडब्ल्यूएस आवासों का अस्थायी आवंटन कर दिया गया।

ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज

माना के ग्राम नकटी के ग्रामीणों के घर तोड़ दिए गए और अब उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, दंगा भडक़ाने जैसे धाराओं में माना पुलिस ने केस दर्ज किया है। सोमवार तडक़े ग्राम नकटी के वार्ड 16 और 17 में जिला प्रशासन ने बलपूर्वक तोडफ़ोड़ कार्रवाई की थी।

ग्रामीणों के घरों पर बुलडोजर चलाया था। इसके बाद बेघर ग्रामीणों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में शिफ्ट किया था। तोडफ़ोड़ की कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध किया था। कई महिलाएं बुलडोजर के सामने भी लेट गई थीं। इस दौरान अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी भी की। इस मामले में माना पुलिस ने अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 121, 191(1), 191(2) के तहत केस दर्ज किया है।

Chhattisgarh News: कार्रवाई पर सियासत तेज, बैज ने घेरा

राजधानी से लगे नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। पीसीसी प्रमुख दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नकटी गांव में बनने वाली विधायक कॉलोनी सभी विधायकों को नहीं लेनी चाहिए। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस पर अपनी असहमति जताई है।

बैज ने भाजपा विधायकों से भी अपील की कि वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विधायक कॉलोनी अन्य जगह बनाने की मांग करें। बैज ने बताया कि नकटी गांव में लोग 30-40 साल से रह रहे थे। 29 जून को प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास और इंदिरा आवास के तहत बनाए गए घरों को बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामवासी मकान बचाने के लिए रोते-बिलखते रहे, लेकिन प्रशासन ने घर ध्वस्त कर दिए।

नवा रायपुर में क्यों नहीं बना रहे विधायक कॉलोनी

बैज ने सवाल उठाया कि क्या सरकार के पास जगह की कमी है, जबकि नवा रायपुर में पर्याप्त जगह है, जहां कॉलोनी बनाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि बारिश से पहले गरीब परिवारों को बेघर कर दिया गया और पुनर्वास से पहले उनसे बातचीत नहीं की गई। पुनर्वास में मिले मकानों में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं और उनके भुगतान का मुद्दा भी अनसुलझा है।

दीपक बैज ने कहा कि किसी गरीब का घर तोडक़र विधायक कॉलोनी बनाना अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक चातुरी नंद और जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि उन्हें गरीबों का आशियाना उजाडक़र अपना घर बनाना नहीं चाहिए। बैज ने भाजपा विधायकों और सांसदों पर ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। कांग्रेस पार्टी ने सरकार से माफी मांगने, मुआवजा देने और उसी जगह पर नए आवास बनाकर देने की मांग की है।

Raipur Latest News: बृजमोहन ने एक साल पहले निर्माण रोकने सीएम को लिखा था पत्र

लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नकटी में विधायक कॉलोनी के निर्माण को स्थगित कर अन्य जगह पर बनाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक साल पहले पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने ग्राम पंचायत नकटी, विकासखंड धरसीवां, जिला रायपुर में खसरा नंबर 460 (रकबा 46.4790 हे.) पर हो रहे निर्माण को रोकने की मांग की थी।

उन्होंने सीएम को लिखा था- इस भूमि पर वर्षों से 80 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं, जिन्हें बेदखल करने के नोटिस जारी किए गए हैं। सांसद अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने इस निर्माण पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस निर्माण पर रोक लगाकर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश देने की मांग की है।

Published on:
02 Jul 2026 08:27 am