रायपुर

NEET UG Admission: दूसरे राज्यों के छात्रों की पहली पसंद बना छत्तीसगढ़, 70% सीटों पर बाहरी छात्रों का कब्जा

Chhattisgarh Medical Admission: छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों की मैनेजमेंट सीटों पर करीब 70% दूसरे राज्यों के छात्रों का दाखिला, कम फीस बनी बड़ी वजह।
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Sep 17, 2026
NEET UG Admission
NEET UG Admission: दूसरे राज्यों के छात्रों की पहली पसंद बना छत्तीसगढ़(photo-patrika)

NEET UG Admission: छत्तीसगढ़ में NEET UG के जरिए निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले को लेकर एक अलग तस्वीर सामने आई है। पिछले करीब 6 साल से निजी मेडिकल कॉलेजों की मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दूसरे राज्यों के छात्रों की हिस्सेदारी अधिक बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मैनेजमेंट कोटे में करीब 70 फीसदी छात्र दूसरे राज्यों से आते हैं। इसकी एक प्रमुख वजह छत्तीसगढ़ में निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस दूसरे राज्यों की तुलना में कम होना बताई जा रही है।

NEET UG Counselling: 180 NEET स्कोर पर मैनेजमेंट सीट अलॉट

दूसरे राउंड की काउंसलिंग में 180 NEET स्कोर वाले एक छात्र को निजी मेडिकल कॉलेज में मैनेजमेंट कोटे की सीट आवंटित की गई है। यह इस राउंड में मैनेजमेंट सीट के लिए सबसे कम स्कोर बताया गया है। छात्र आरक्षित श्रेणी से है। वहीं 178 स्कोर वाले एक आरक्षित वर्ग के छात्र को NRI सीट आवंटित की गई है।

स्टेट कोटे में दूसरे राज्यों के छात्रों को प्रवेश नहीं

नियमों के अनुसार दूसरे राज्यों के छात्रों को छत्तीसगढ़ की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश नहीं दिया जा सकता। इसके लिए प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। ऐसे में दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए निजी मेडिकल कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा प्रवेश का विकल्प बनता है। वहीं कई बार आर्थिक रूप से कमजोर छात्र निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस वहन नहीं कर पाते। ऐसे में स्टेट और मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर प्रवेश नहीं हो पाने की स्थिति में सीट खाली रह सकती है, जिसे बाद के राउंड में भरा जाता है।

कम फीस के कारण दूसरे राज्यों से पहुंच रहे छात्र

प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस दूसरे राज्यों की तुलना में कम बताई जा रही है। छत्तीसगढ़ में स्टेट और मैनेजमेंट कोटे की फीस समान है, जबकि कुछ अन्य राज्यों में निजी मेडिकल कॉलेजों की फीस एक से डेढ़ करोड़ रुपए या उससे अधिक तक बताई गई है। छत्तीसगढ़ में सभी मदों को मिलाकर मेडिकल की पढ़ाई के लिए करीब 65 से 70 लाख रुपए तक फीस देनी होती है। यही वजह बताई जा रही है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा समेत अन्य राज्यों के छात्र यहां मैनेजमेंट कोटे की सीटों के लिए पहुंचते हैं।

निजी मेडिकल कॉलेजों में 42.5% सीटें मैनेजमेंट कोटे की

प्रदेश में 6 निजी मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें 42.5 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे के लिए आरक्षित हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन सीटों पर दूसरे राज्यों के छात्रों की संख्या काफी अधिक है। वहीं जिस NEET स्कोर पर दूसरे राज्यों के छात्रों को छत्तीसगढ़ में मैनेजमेंट कोटे में प्रवेश मिल रहा है, उसी स्कोर पर उनके अपने राज्यों के निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मुश्किल होने की बात सामने आई है।

पहले राउंड में मैनेजमेंट कोटे का कटऑफ ज्यादा

इस साल NEET UG काउंसलिंग के पहले राउंड में मैनेजमेंट कोटे की सीटों का कटऑफ नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों से भी अधिक रहा। मैनेजमेंट कोटे में अधिकतम 549 NEET स्कोर वाले छात्रों को सीट आवंटित हुई, जबकि नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 511 स्कोर तक के छात्रों को सीट मिली। आवंटित सीटों पर छात्रों ने प्रवेश भी लिया है।

दूसरे राउंड में 2099 छात्रों को सीट आवंटित

दूसरे राउंड की काउंसलिंग में कुल 2099 छात्रों को सीट आवंटित की गई है। इनमें 1084 छात्रों को फ्रेश अलॉटमेंट मिला है। दूसरे राउंड में सीट पाने वाले छात्र संबंधित कॉलेजों में 16 से 22 सितंबर तक प्रवेश ले सकेंगे। दूसरे राउंड की मेरिट सूची में 7179 छात्रों के नाम थे, जबकि पहले राउंड की मेरिट सूची में 9194 छात्र शामिल थे।

पहले राउंड में MBBS की 1873 सीटों पर प्रवेश

पहले राउंड में MBBS की 2175 सीटें आवंटित की गई थीं, जिनमें 1873 सीटों पर प्रवेश पूरा हो चुका है। वहीं BDS की 385 सीटों में से 234 सीटों पर छात्रों ने प्रवेश लिया है। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में आवंटित 204 सीटों में से 184 छात्रों ने दाखिला ले लिया है।

कॉलेज प्रबंधन ने फीस को बताया प्रमुख कारण

श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन डॉ. देवेंद्र नायक के अनुसार, दूसरे राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में मैनेजमेंट कोटे की फीस कम है। इसी वजह से पड़ोसी और अन्य राज्यों के छात्र यहां प्रवेश के लिए आकर्षित होते हैं। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दूसरे राज्यों के छात्रों का ज्यादा एडमिशन हो रहा है और सीटों का आवंटन काउंसलिंग कमेटी द्वारा किया जाता है।

Updated on:
17 Sept 2026 07:56 am
Published on:
17 Sept 2026 07:55 am