रायपुर

Exclusive: NEET छात्रों के लिए बड़ी राहत! अब छत्तीसगढ़ के 4 मेडिकल कॉलेजों में बनेगा दिव्यांग सर्टिफिकेट

Patrika Exclusive: NMC ने छत्तीसगढ़ के एम्स रायपुर समेत 4 मेडिकल कॉलेजों को PwD प्रमाणपत्र जारी करने की मान्यता दी है। इससे अब NEET क्वालिफाइड दिव्यांग छात्रों को MBBS ऑल इंडिया कोटे के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
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Aug 06, 2026
MBBS Admission 2026
MBBS Admission 2026: NEET छात्रों के लिए बड़ी राहत!(photo-patrika)

MBBS Admission 2026: छत्तीसगढ़ के रायपुर एमबीबीएस के ऑल इंडिया कोटे (AIQ) के तहत प्रवेश लेने वाले दिव्यांग छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने छत्तीसगढ़ के एम्स रायपुर, पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रायपुर, सिम्स बिलासपुर और मेडिकल कॉलेज जगदलपुर को दिव्यांग (PwD) प्रमाणपत्र जारी करने की मान्यता दे दी है। यह सुविधा इसी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। इससे अब प्रदेश के छात्रों को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

All India Quota MBBS: अब नहीं लगानी होगी दूसरे राज्यों की दौड़

अब तक देश के केवल 12 मेडिकल कॉलेजों में ही दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा उपलब्ध थी। छत्तीसगढ़ के छात्रों को इसके लिए चेन्नई, जबलपुर समेत अन्य शहरों में जाना पड़ता था। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया अब प्रदेश में ही पूरी हो सकेगी।

NEET क्वालिफाइड छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा

नई सुविधा का सबसे बड़ा लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है और दिव्यांग कोटे के माध्यम से ऑल इंडिया MBBS कोटा में प्रवेश के लिए आवेदन करना चाहते हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के छात्र इस श्रेणी के तहत आवेदन करते हैं।

दिव्यांग कोटे में मिलता है प्रवेश का लाभ

एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया में दिव्यांग कोटे के तहत छात्रों को विशेष लाभ मिलता है। इस श्रेणी का कटऑफ सामान्य श्रेणी की तुलना में काफी कम होता है। कई मामलों में कम अंकों पर भी छात्रों को प्रवेश मिल जाता है। दिव्यांगता की विभिन्न श्रेणियों के आधार पर पात्र छात्रों को इसका लाभ दिया जाता है।

सिकल सेल पीड़ित छात्र भी होंगे पात्र

प्रदेश में सिकल सेल बीमारी से पीड़ित छात्रों को भी निर्धारित मानदंडों के अनुसार दिव्यांग श्रेणी में शामिल किया जाता है। इससे ऐसे विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल शिक्षा का रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार पिछले एक दशक में सिकल सेल पॉजिटिव किसी छात्र के एमबीबीएस में प्रवेश का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

मापदंड के अनुसार जारी होंगे प्रमाणपत्र

पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि एनएमसी के आदेश के अनुरूप सभी निर्धारित मानकों का पालन करते हुए दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पहले से गठित है, जो पात्र छात्रों की मेडिकल जांच कर प्रमाणपत्र जारी करेगी।

Updated on:
06 Aug 2026 07:57 am
Published on:
06 Aug 2026 07:57 am