रायपुर

Nursing Council: छत्तीसगढ़ में 145 नर्सिंग कॉलेजों के लिए बड़ा अपडेट, INC की जगह आएगा नेशनल नर्सिंग कमीशन

Nursing Commission Bill: इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) की जगह नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन (NNMC) लागू होने के बाद कॉलेजों की मान्यता, गुणवत्ता और नियमन के मानकों में बड़ा बदलाव होगा।
2 min read
Jul 24, 2026
Nursing Council
नए कमीशन से बदलेंगे कॉलेजों के नियम (photo source- Patrika)

Nursing Council: इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की जगह नेशनल नर्सिंग व मिडवाइफरी कमीशन तो बन गया है, लेकिन यह प्रदेश समेत देश के किसी भी राज्य में लागू नहीं हुआ है। कमीशन लागू होने के बाद सरकारी के अलावा निजी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर सख्ती होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार कमीशन लागू होते ही आईएनसी के नियम बदल जाएंगे। प्रदेश में बीएससी नर्सिंग कोर्स संचालन करने वाले कॉलेजों की संख्या 145 व सीटों की संख्या 7700 से ज्यादा है।

Nursing Education Reform: आईएनसी अधिनियम 1947 निरस्त

नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने व एडवांस पढ़ाई कराने के लिए केंद्र सरकार ने 2024 में लोकसभा में विधेयक पारित किया था। इसके बाद गजट नोटिफिकेशन भी हो चुका है। यह विधेयक पास होने के बाद आईएनसी अधिनियम 1947 निरस्त हो गया है, लेकिन लागू नहीं होने से काउंसिल का नियम ही चल रहा है। कमीशन नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता व मानकों को तय करने का काम करेगा। पिछले कुछ सालों में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आई है। इसे दूर करने की जरूरत है। राज्य आयोग के निर्णय के खिलाफ नेशनल कमीशन में अपील करने का नियम भी रखा गया है, ताकि कोई न्याय से वंचित न रहें।

मापदंडों पर नहीं उतरते खरे कॉलेज

छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य में 143 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज हैं, जिसमें 129 में बीएससी की पढ़ाई हो रही है। 25 फीसदी कॉलेज आईएनसी के मापदंडों पर खरे नहीं उतरते। इसके बावजूद इन कॉलेजों को हर साल मान्यता मिलती रही है। इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई कॉलेजों ने आईएनसी से सुइटेबिलिटी सर्टिफिकेट नहीं लिया है। दो साल पहले इसलिए पं. दीनदयाल उपाध्याय हैल्थ साइंस एंड आयुष विवि के प्रबंधन मंडल ने 11 निजी कॉलेजों को संबद्धता देने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में सर्टिफिकेट दे दिया गया था। यह सर्टिफिकेट अनिवार्य है। इसके बिना विवि द्वारा संबद्धता प्रमाणपत्र नहीं देने का नियम है।

पिछले साल 2329 सीटें हो गईं लैप्स, जबकि 10 परसेंटाइल से दिया प्रवेश

प्रदेश में 10 परसेंटाइल से एडमिशन के बावजूद पिछले साल बीएससी नर्सिंग की 2329 सीटें लैप्स हो गई थीं। केवल 5422 सीटों पर एडमिशन हो पाया। जबकि कुल सीटें 7751 हैं। आईएनसी ने बीएससी नर्सिंग में जीरो परसेंटाइल से प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। राज्य शासन ने खाली सीटों को देखते हुए व्यापमं के एंट्रेंस एग्जाम में 10 परसेंटाइल अंक लाने वालों को प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके बाद भी 30 फीसदी सीटें लैप्स हो गईं। चार राउंड के बाद प्रदेश में 57 फीसदी सीटें खाली थीं, जिसे 10 परसेंटाइल से भरने की अनुमति दी गई। इसमें केवल 37 फीसदी सीटें ही पैक हो पाई। आईएनसी ने प्रवेश की आखिरी तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ा दी थी।

Indian Nursing Council: नेशनल नर्सिंग कमीशन की बातें

सभी राज्यों को नर्सिंग व मिडवाइफरी कमीशन बनाना होगा।
सलाहकार परिषद का भी गठन किया जाएगा। इसके चेयरमैन नेशनल कमीशन के अध्यक्ष होंगे।
अध्यक्ष वही बनेगा, जिनके पास नर्सिंग और मिडवाइफरी की डिग्री हो। 20 साल का
अनुभव हो।

स्टेट नर्सिंग कमीशन के कार्य

पेशेवर आचरण, आचार संहिता और शिष्टाचार लागू करना
पंजीकृत नर्सों का पंजीयन करना।
रजिस्ट्रार पद पर नियुक्त करना।
कौशल-आधारित परीक्षा प्रदान करना।

Updated on:
24 Jul 2026 11:26 am
Published on:
24 Jul 2026 11:26 am
Also Read
View All
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा ऐलान, सेवा सेतु से जल्द जुड़ेंगी 400 नई सेवाएं, जानिए क्या-क्या बदलेगा

थाने में धरने पर बैठे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून का जोर, अगले 5 दिनों तक बरसेंगे बादल, इन जिलों के लिए अलर्ट

छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्लेसमेंट विवाद! ऑफर लेटर देकर मुकर गईं कंपनियां, हजारों छात्रों का करियर अधर में

पत्रिका अलर्ट: छत्तीसगढ़ में NEET अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर! दलाल नहीं दिला सकते MBBS में एडमिशन, स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने दी चेतावनी