रायपुर

Chhattisgarh News: दो ट्रकों की भिड़ंत के बाद 10 घंटे जाम से हाहाकार, NHAI ने एजेंसी पर ठोका 10 लाख का जुर्माना, जानें मामला

Highway Traffic Jam: छत्तीसगढ़ के कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत के बाद करीब 10 घंटे तक यातायात बाधित रहा।
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Oct 15, 2026
Chhattisgarh News
दो ट्रकों की भिड़ंत (फोटो सोर्स- AI)

Truck Collision: आमतौर पर सड़क हादसों के बाद लोग व्यवस्था और पुलिस को ही कोसते नजर आते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट थी। हादसे के बाद पुलिस ने तो अपनी जिम्मेदारी मुस्तैदी से निभाई, मगर एनएचएआई के सुस्त अधिकारियों और लापरवाह व्यवस्था ने आम जनता को 10 घंटे तक जाम के नरक में धकेल दिया। इस गंभीर लापरवाही पर अब कोरबा पुलिस और एनएचएआई आमने-सामने आ गए हैं।

पुलिस ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दायर किया है, तो वहीं एनएचएआई ने भी अपनी आंतरिक जांच के आधार पर संबंधित एजेंसी पर 10 लाख रुपए का भारी जुर्माना ठोका है। यह पूरी घटना 12 अक्टूबर की सुबह करीब 3 बजे राष्ट्रीय एनएच-130 के कटघोरा-अंबिकापुर खंड में चोटिया टोल प्लाजा के पास हुई। यहां दो ट्रक-ट्रेलरों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात लगभग 10 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।

जांच में खुली पोल, सामने आईं बड़ी खामियां

एनएचएआई की आंतरिक जांच में एजेंसी की भारी लापरवाही और व्यवस्था की पोल खुल गई है। दुर्घटना के वक्त एनएचएआई द्वारा नियुक्त एजेंसी का प्रोजेक्ट मैनेजर मौके पर मौजूद नहीं था। मौके पर क्रेन ऑपरेटर उपलब्ध नहीं था और रिकवरी वाहनों में पर्याप्त ईंधन तक नहीं था, जिसके कारण समय पर राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। एनएचएआई के 1033 नंबर पर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समय पर कोई सहायता नहीं पहुंच सकी। इन तमाम कमियों को मानकों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए एनएचएआई ने संबंधित एजेंसी 'मेसर्स रविंद्र सिंह' पर 10 लाख रुपए की पेनल्टी लगा दी है।

हादसे के बाद ये मदद मिलनी चाहिए

एनएचएआई के निर्धारित नियमों के अनुसार, 1033 पर सूचना मिलने पर तुरंत हाईवे पेट्रोलिंग टीम को पहुंचना चाहिए। क्रेन या रिकवरी वाहन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल करना अनिवार्य है। इसके अलावा दुर्घटना में घायलों के लिए पुलिस और आपातकालीन चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिसमें एंबुलेंस के 30 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचने का स्पष्ट नियम है। गंभीर रूप से घायलों की मदद के लिए 112 या 108 पर संपर्क किया जा सकता है।

आम आदमी के लिए उपयोगी जानकारी

  • 1033: राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना, एंबुलेंस, क्रेन, हाईवे पेट्रोलिंग, वाहन खराब होने और टोल संबंधी शिकायतों के लिए 24 घंटे की टोल-फ्री हेल्पलाइन।
  • 112: पुलिस आपातकालीन सहायता के लिए।
  • 108: एंबुलेंस सेवा के लिए।

शिकायत दर्ज कराने का तरीका

कॉल करते समय हाईवे का नाम या नंबर, नजदीकी टोल प्लाजा, दुर्घटनास्थल, यात्रा की दिशा और समस्या की सटीक जानकारी दें। शिकायत का संदर्भ क्रमांक जरूर नोट कर लें। यदि समय पर मदद न मिले, तो 1033 पर दोबारा कॉल कर पुरानी शिकायत का विवरण दें। इसके अलावा संबंधित एनएचएआई परियोजना कार्यालय में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है।

Updated on:
15 Oct 2026 08:14 am
Published on:
15 Oct 2026 08:12 am