रायपुर

रायपुर की ‘लेडी क्राइम क्वीन’ पर पुलिस का प्रहार, मुस्कान रात्रे का 6 जिलों में घुसने पर रोक

District Ban Order: रायपुर पुलिस ने कुख्यात महिला अपराधी मुस्कान रात्रे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे 3 महीने के लिए जिला बदर कर दिया है।

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Jun 11, 2026
Muskan Ratre Externment Order
कुख्यात महिला अपराधी मुस्कान रात्रे जिला बदर (photo source- Patrika)

Muskan Ratre: रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने संगठित अपराध और नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात महिला अपराधी मुस्कान रात्रे को जिला बदर कर दिया है। लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब कारोबार और अन्य गंभीर अपराधों में कथित रूप से संलिप्त मुस्कान रात्रे के खिलाफ यह कार्रवाई मध्य जिला पुलिस की रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ लगातार शिकायतें और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। कई बार चेतावनी और पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं आया, जिसके बाद जिला बदरी का कदम उठाया गया।

Raipur Crime News: 20 से अधिक आपराधिक मामलों में दर्ज है नाम

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्कान रात्रे के खिलाफ विभिन्न थानों में 20 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री, अवैध शराब का कारोबार, मारपीट, धमकी, हत्या के प्रयास और गांजा तस्करी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गतिविधियां केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उसका प्रभाव कई इलाकों तक फैला हुआ था। यही वजह है कि उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की गई।

District Ban Order: 6 जिलों की सीमाओं से किया गया बाहर

पुलिस कमिश्नर रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत आदेश जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक मुस्कान रात्रे को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों की राजस्व सीमाओं से तीन माह के लिए बाहर रहने का निर्देश दिया गया है।जिला बदरी की अवधि के दौरान वह इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगी। यदि वह बिना अनुमति किसी भी प्रतिबंधित जिले में प्रवेश करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वतंत्र गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल दर्ज मामलों के आधार पर नहीं, बल्कि स्वतंत्र गवाहों के बयान और विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर भी की गई है। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा था। पुलिस का मानना है कि जिला बदरी से उसके प्रभाव क्षेत्र को सीमित किया जा सकेगा और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण लगेगा।

नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिश

रायपुर पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि नशे और संगठित अपराध के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। जिला बदरी जैसी कार्रवाई अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है।

डीसीपी सेंट्रल जोन की निगरानी में हुई कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि डीसीपी सेंट्रल जोन के निर्देशन में पूरी प्रक्रिया पूरी की गई। आरोपी के आपराधिक इतिहास, पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद जिला बदरी का प्रस्ताव तैयार किया गया था। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किया गया और संबंधित जिलों को भी इसकी सूचना भेज दी गई है, ताकि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा, क्षेत्र में शांति व्यवस्था और कानून के प्रभावी पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जिला बदरी की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Published on:
11 Jun 2026 08:41 pm