रायपुर

Mahtari Vandan Yojana: 3 लाख से ज्यादा महिलाओं का महतारी वंदन योजना से नाम कटा! कांग्रेस ने लगाए कई गंभीर आरोप

Political News: महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने 3 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम कटने का आरोप लगाते हुए जवाब मांगा है।
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Jul 13, 2026
Mahtari Vandan Yojana
महिलाओं का नाम काटना अन्याय (फोटो सोर्स-पत्रिका)

Mahtari Vandan Yojana 2026: महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि योजना से 3 लाख से ज्यादा महिलाओं के नाम काट दिए गए हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि योजना की शुरुआत में 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा था, लेकिन अब हर महीने लाभार्थियों की संख्या घटाई जा रही है। जबकि योजना शुरू होने के बाद भी 40 फीसदी महिलाएं इससे जुड़ नहीं पाई हैं।

योजना का लाभ देने में महिलाओं के साथ भेदभाव

इतना ही नहीं, योजना से जुड़ी वृद्धा एवं परित्यक्ता पेंशनधारियों को वंदन योजना के तहत मात्र 500 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि उन्हें 1500 रुपये महीना मिलना था। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद योजना का लाभ देने में महिलाओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। अब योजना से जुड़ी महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं। कांग्रेस ने योजना में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी

बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार यानी 11 जुलाई को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी की थी। इसके तहत प्रदेश की 66 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।

इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की पहचान बन चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक योजना के तहत 29 किस्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में भेजे जा चुके हैं।

क्या है महतारी वंदन योजना?

महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana)1 मार्च 2024 से छत्तीसगढ़ में लागू है। इस योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।

Updated on:
13 Jul 2026 10:49 am
Published on:
13 Jul 2026 10:48 am
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